मंदसौर। शहर के कैलाश मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक मंदसौर (Punjab National Bank – PNB) की शाखा में 1 करोड़ रुपये के गबन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बड़ी वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए बैंक के तत्कालीन करेंसी चेस्ट शाखा प्रबंधक और उपप्रबंधक सहित अन्य के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार मीना ने बताया कि बैंक प्रबंधन की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस मामले की विस्तृत और गहन जांच कर रही है।

करेंसी चेस्ट में भौतिक सत्यापन के दौरान खुला राज

गबन का यह पूरा मामला बैंक की करेंसी चेस्ट (Currency Chest) में भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान उजागर हुआ। दरअसल, बैंक के अभिलेखों के अनुसार करेंसी चेस्ट में कुल राशि 4 करोड़ 5 लाख रुपये होना दर्ज थी। लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में चेस्ट का भौतिक सत्यापन कराया गया, तो वहाँ केवल 3 करोड़ 5 लाख रुपये की नकदी ही पाई गई। इस प्रकार सीधे तौर पर 1 करोड़ रुपये की बड़ी राशि कम पाई गई।

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राशि गायब होने की जानकारी मिलते ही बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक करेंसी चेस्ट अनुज शर्मा ने मई माह में इसकी एक लिखित रिपोर्ट सर्कल हेड, पीएनबी सर्कल ऑफिस उज्जैन को भेजी थी। जिसके बाद भोपाल के डिप्टी जोनल हेड आलोक कातरे और आईएएस अधिकारी राजीव रंजन कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर पीएनबी अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन करेंसी चेस्ट शाखा प्रबंधक अनुज शर्मा और उपप्रबंधक उत्कर्ष घावरी को 16 मई को ही निलंबित कर दिया था।

ये गंभीर गड़बड़ियां आईं जांच में सामने

जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, करेंसी चेस्ट के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। जांच में पाई गईं प्रमुख अनियमितताएं इस प्रकार हैं:

  • सिंगल लॉक सिस्टम से संचालन: सुरक्षा नियमों के अनुसार करेंसी चेस्ट के केबिन को हमेशा ‘डबल लॉक सिस्टम’ के अंतर्गत संचालित करना अनिवार्य होता है, ताकि लोक धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लेकिन जांच में पाया गया कि चेस्ट के समस्त केबिन केवल सिंगल लॉक सिस्टम से ही संचालित किए जा रहे थे।
  • अनाधिकृत व्यक्ति का स्ट्रांग रूम में प्रवेश: स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में गंभीर चूक करते हुए, गैर-अभिरक्षक (Non-custodian) अधिकारी सत्यनारायण वंशी को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से प्रवेश करने दिया गया, जो कि नियमों का पूर्णतः उल्लंघन है।
  • ऑडिट और रिपोर्ट्स में जानकारी छुपाना: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैंक के वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में इस 1 करोड़ रुपये की कमी को छुपाया गया था। जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच हुए अर्धवार्षिक सत्यापन, द्विमासिक ऑडिट रिपोर्ट, मासिक निरीक्षण रिपोर्ट और साप्ताहिक बैलेंस सत्यापन रिपोर्ट में भी इस बड़ी नकदी कमी का कोई उल्लेख नहीं किया गया था, जो कि गंभीर अभिलेखीय हेराफेरी (Document Tampering) की ओर इशारा करता है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

पीएनबी मंदसौर शाखा के प्रबंधक प्रदीप (पिता सुभा कुल्हरी) ने विभागीय जांच पूरी होने के बाद कोतवाली पुलिस में दोनों अधिकारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी अनुज शर्मा, उत्कर्ष घावरी और अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं 316(5), 318(3), 61(2) और 344 के तहत आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने कहा कि पुलिस टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब नेशनल बैंक मंदसौर गबन समाचार प्रभात न्यूज़ क्लिपिंग
चित्र: पंजाब नेशनल बैंक मंदसौर में एक करोड़ रुपये के गबन से संबंधित प्रभात न्यूज़ समाचार पत्र की क्लिपिंग

पूर्व में की गई अन्य प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाईयां

मंदसौर जिले में कानून व्यवस्था और वित्तीय घघोटालों पर प्रशासन लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। हाल ही में मंदसौर पुलिस विभाग में हुए भावगढ़ थाना निलंबन कार्रवाई और गरोठ क्षेत्र में हुई अवैध गोवंश परिवहन धरपकड़ जैसी कार्रवाईयों से पुलिस अपराधियों के खिलाफ सक्रिय दिख रही है। इसके साथ ही, रेल परिवहन में सुधार के लिए किए जा रहे इंदौर रेलवे स्टेशन शिफ्टिंग के निर्णयों से भी यात्रियों को नई सुविधाएं मिल रही हैं।


विशेष रिपोर्ट: कैलाश विश्वकर्मा (संपादक, यशस्वी दुनिया)

कैलाश विश्वकर्मा