विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से कानून के रक्षक द्वारा ही भक्षक बनने का एक अत्यंत गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां सिविल लाइन थाने में पदस्थ 2016 बैच के सब इंस्पेक्टर (SI) जयप्रकाश रसीले को एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सब इंस्पेक्टर पर महिला ने शादी का झांसा देकर दुराचार (Rape on the pretext of marriage) करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी एसआई को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामला प्रकाश में आने के बाद विदिशा के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित काशवानी ने आरोपी सब इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शादीशुदा होने की बात छिपाई, शादी का झांसा देकर किया शारीरिक शोषण
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले ने उसे प्रेम जाल में फंसाया था। आरोपी ने स्वयं को कुंवारा बताते हुए पीड़िता से शादी करने का वादा किया और लगातार उसका विश्वास जीतता रहा। शादी का झांसा देकर आरोपी ने महिला के साथ काफी समय तक शारीरिक संबंध बनाए और लगातार उसका शोषण करता रहा।
पीड़िता ने जब सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले पर शादी करने का दबाव बनाया, तो वह लगातार बहाने बनाने लगा और बात टालता रहा। संदेह होने पर जब पीड़िता ने आरोपी एसआई के बारे में गहराई से जानकारी जुटाई, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसे पता चला कि आरोपी सब इंस्पेक्टर पहले से ही शादीशुदा है और उसने अपनी शादी की बात पूरी तरह से छिपाकर रखी थी। जब पीड़िता ने इस संबंध में आरोपी से बात की, तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और पीड़िता को धमकी भी दी।
पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज
आरोपी सब इंस्पेक्टर के धोखे और शोषण से आहत होकर पीड़िता ने अंततः कानून का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने विदिशा के सिविल लाइन पुलिस थाने में आरोपी एसआई के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। चूंकि मामला पुलिस विभाग के ही एक अधिकारी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत इसकी सूचना दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशानुसार महिला अधिकारी की मौजूदगी में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और आरोपी सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) अथवा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत शादी का झांसा देकर बलात्कार (दुराचार) और धमकी देने का आपराधिक मामला दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली और विभागीय अपराध नियंत्रण से संबंधित जानकारी के लिए आप मध्य प्रदेश पुलिस (MP Police) के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जा सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपी एसआई को किया निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए विदिशा जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित काशवानी ने आरोपी सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या पुलिस विभाग का कोई अधिकारी। विभाग में किसी भी प्रकार के अनुशासनहीन और आपराधिक कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी रोहित काशवानी ने आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि को सुधारने और जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को बनाए रखने के लिए की गई है। हाल ही में मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की गई है, जैसे मंदसौर जिले में एसपी द्वारा की गई थाना प्रभारी की निलंबन कार्रवाई तथा गरोठ पुलिस द्वारा जुआ-सट्टा गतिविधियों पर की गई सट्टा विरोधी कार्रवाई। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विदिशा जिले की प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी आप विदिशा जिला प्रशासन (Vidisha District) के आधिकारिक पोर्टल पर देख सकते हैं।
कानूनी पहलू: शादी का झूठा वादा और दुराचार का कानून
भारतीय न्याय व्यवस्था में शादी का झांसा देकर या पहचान छिपाकर किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाना एक गंभीर अपराध माना गया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधानों के तहत भी इसके लिए सख्त दंडात्मक सजा तय की गई है। कानून के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
| धारा/प्रावधान | अपराध का स्वरूप | संभावित सजा और जुर्माना |
|---|---|---|
| भारतीय न्याय संहिता (BNS) / आईपीसी धारा 376 | पहचान छिपाकर या शादी के झूठे वादे पर सहमति प्राप्त कर शारीरिक संबंध बनाना | 10 वर्ष तक का सश्रम कारावास और जुर्माना |
| धमकी देना (Criminal Intimidation) | शिकायत करने पर पीड़िता को डराना या जान से मारने की धमकी देना | कारावास और जुर्माना |
| विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई | सरकारी पद का दुरुपयोग और नैतिक पतन का आचरण | सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal) या निलंबन |
कानूनविदों के अनुसार, सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध और धोखे से सहमति प्राप्त करने में बड़ा अंतर होता है। यदि कोई व्यक्ति पहले से विवाहित है और वह स्वयं को अविवाहित बताकर किसी महिला को शादी का झांसा देता है, तो वह सहमति कानून की दृष्टि में ‘स्वतंत्र सहमति’ नहीं मानी जाती है और इसे दुराचार की श्रेणी में ही रखा जाता है। इस प्रकार के कानूनी अधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अधिनियमों की विस्तृत जानकारी के लिए आप केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय (Ministry of Law and Justice) के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।
न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल, आरोपी 2016 बैच का एसआई
सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी जयप्रकाश रसीले को गिरफ्तार करने के बाद उनका शासकीय चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके पश्चात सुरक्षा घेरे में आरोपी को विदिशा जिला न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में पुलिस की ओर से मामले की केस डायरी प्रस्तुत की गई। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी सब इंस्पेक्टर को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
आरोपी जयप्रकाश रसीले वर्ष 2016 बैच का सब इंस्पेक्टर है। पुलिस विभाग में लगभग एक दशक की सेवा के बाद इस तरह के घिनौने अपराध में संलिप्त पाए जाने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सिविल लाइन थाने के ही साथी पुलिसकर्मी भी इस घटना से स्तब्ध हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने आरोपी सब इंस्पेक्टर के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और उसे जेल भेजने के फैसले का स्वागत किया है तथा पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है। हाल ही में गरोठ अस्पताल परिसर में नवविवाहिता की मौत पर हुए पारिवारिक तनाव और हंगामा के मामले की तरह ही इस संवेदनशील मामले में भी पुलिस ने कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया है।
विशेष रिपोर्ट: कैलाश विश्वकर्मा (संपादक, यशस्वी दुनिया)