गरोठ (Garoth): मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ढाबा में एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक गरोठ में नवविवाहिता की मौत (Newlywed Woman Death in Garoth) का मामला संदिग्ध परिस्थितियों में गर्मा गया है। मृतका की पहचान इंदिरा बाई (पति ईश्वर गरासिया) के रूप में हुई है, जिसका शव बुधवार रात को उसके ससुराल वाले घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह गरोठ के शासकीय अस्पताल परिसर में उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब मृतका के पीहर (मायके) और ससुराल पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच भारी नोकझोंक और विवाद को देखते हुए अस्पताल परिसर में गहमागहमी बनी रही।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गरोठ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अस्पताल परिसर में तनाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का पीहर पक्ष को पूर्ण आश्वासन दिया है।

विवरण: मृतका इंदिरा बाई (२२ वर्ष) जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में ससुराल में मौत हो गई।
पीहर पक्ष का संगीन आरोप: “यह आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या है”
शासकीय अस्पताल पहुंचे मृतका के भाई पप्पू राठौर और पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सुनियोजित हत्या का मामला करार दिया है। मृतका के भाई पप्पू राठौर का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बहन इंदिरा को ससुराल में तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था। लगातार दहेज और पारिवारिक कारणों से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से तंग किया जाता था।
भाई पप्पू का सीधा आरोप है कि उसके जीजा ईश्वर गरासिया ने उनकी बहन इंदिरा के साथ बेदर्दी से मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। पीहर पक्ष का कहना है कि वे किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शने के मूड में नहीं हैं और जब तक निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे शांत नहीं बैठेंगे।
ससुराल पक्ष का खंडन: “पारिवारिक विवाद के चलते बहू ने किया सुसाइड”
दूसरी ओर, मृतका के ससुर प्रेम सिंह गरासिया ने पीहर पक्ष द्वारा लगाए गए मारपीट और हत्या के आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया है। ससुर प्रेम सिंह का दावा है कि इंदिरा और उनके बेटे के बीच कोई गंभीर प्रताड़ना जैसी बात नहीं थी। बुधवार रात करीब 12:00 से 1:00 बजे के बीच पारिवारिक तनाव में आकर इंदिरा ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
ससुराल पक्ष का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी छिपाने की कोई कोशिश नहीं की। जैसे ही बुधवार रात को उन्हें हादसे का पता चला, उन्होंने रात में ही तत्काल बहू इंदिरा के मायके वालों को फोन कर पूरी घटना से अवगत करा दिया था। ससुर प्रेम सिंह के अनुसार, वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच का आश्वासन
गुरुवार को गरोठ शासकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान माहौल बेहद गरमा गया था। दोनों पक्षों में तनातनी की स्थिति को देखते हुए गरोठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और समझाइश देकर शांति बनाए रखने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव ने बताया कि मौत के सही और वैज्ञानिक कारणों का खुलासा करने के लिए डॉक्टरों के विशेष पैनल का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मायके पक्ष (पीहर) और ससुराल पक्ष, दोनों के बयानों को रिकॉर्ड कर रही है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम की विस्तृत और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह (फांसी या दम घुटना अथवा अंदरूनी चोटें) स्पष्ट हो पाएगी।
क्षेत्रीय कानून-व्यवस्था और गरोठ पुलिस की सतर्कता
गरोठ और आसपास के मंदसौर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित पुलिस जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में मंदसौर पुलिस विभाग में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मंदसौर एसपी द्वारा भावगढ़ और गरोठ पुलिसकर्मियों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई काफी चर्चा में रही थी। गरोठ थाना पुलिस कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रही है, चाहे वह गरोठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाल ही में सट्टा विरोधी कार्रवाई हो या फिर महिला सुरक्षा और संदिग्ध मौतों से जुड़े संवेदनशील मामले हों।
थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कानून बेहद सख्त है और गरोठ पुलिस किसी भी अपराधी को बचाने का प्रयास नहीं करेगी।
इसके साथ ही, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार मुस्तैद है, जैसे हाल ही में मल्हारगढ़ में सड़क हादसा होने पर मदद करने पहुंची पुलिस से अभद्रता करने वाले शराबी चालक को तुरंत हिरासत में लिया गया।
पुलिस की जांच हर कानूनी पहलू को छू रही है ताकि मृतका इंदिरा बाई को पूर्ण न्याय मिल सके।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण संदर्भ और कड़ियां (External Links):
- महिला सुरक्षा, कानूनों और अधिकारों की जानकारी के लिए: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB Home Page)
- नवीनतम मध्य प्रदेश पुलिस निर्देशों के लिए: मध्य प्रदेश पुलिस (MP Police Official Website)
- मंदसौर जिले की आधिकारिक प्रशासनिक गतिविधियों के लिए: जिला प्रशासन मंदसौर (Mandsaur District Portal)
अस्पताल परिसर व घटना की वीडियो रिपोर्ट देखें:
कैलाश विश्वकर्मा
मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)
कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से शिक्षा, कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और स्थानीय शासन से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं.
– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया
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