मंदसौर: जिले में सहकारिता आंदोलन को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। जिला सहकारिता उप आयुक्त श्री परमानंद गोडरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मंदसौर जिले में पहली बार बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ी बंद सोसायटियों के पंजीयन निरस्त (Registration of Defunct Cooperative Societies Cancelled) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लंबे समय से अस्तित्वहीन या परिसमापन (Liquidation) में चल रही इन सहकारी समितियों का अस्तित्व अब सहकारिता पटल से हमेशा के लिए समाप्त किया जा रहा है।

ऐतिहासिक कार्रवाई: अस्तित्व समाप्त करने की तैयारी

मंदसौर जिले के सहकारिता इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में निष्क्रिय पड़ी सोसायटियों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग की इस संयुक्त पहल के तहत विभिन्न श्रेणियों की कुल 112 समितियों के पंजीयन रद्द किए जा रहे हैं।

यह कदम जिले में सहकारिता के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े और निष्क्रिय खातों को बंद करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाल ही में मंदसौर जिले में प्रशासनिक शुद्धि के लिए कई बड़ी कार्रवाई की गई हैं, जैसे कि भ्रष्टाचार के खिलाफ वन विभाग के बाबू पर लोकायुक्त का शिकंजा या पूर्व में दो सब इंस्पेक्टरों को लाइन अटैच करने की कार्रवाई। इसी कड़ी में अब सहकारिता विभाग ने भी अपनी व्यवस्था दुरुस्त करने की ठानी है।

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जिन बंद सोसायटियों के पंजीयन निरस्त होने हैं, उनकी वर्गीकृत सूची निम्नलिखित है:

1. दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां (Milk Cooperative Societies)

  • दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित आक्याबिका
  • बोरखेडी चारण
  • सिंदपन सौधिंया
  • तालाब पिपलिया
  • कनघट्टी
  • कचनारा सौम्या
  • दौरवाडा
  • गर्रावद
  • नागर पिपलिया
  • पित्याखेडी
  • पिपलिया कराडिया
  • भाटरेवास
  • कोटडा बहादुर
  • कचनारा (मल्हारगढ)
  • रावटी
  • बेटीखेडी
  • रिछालाल मुंहा
  • चांदाखेडी
  • ढाबला देवल
  • लसुडी
  • नई आबादी रिण्डा
  • कांचरिया जाट
  • ढिकनिया
  • नेतावली
  • फतेहगढ
  • कयामपुर
  • सूरी
  • गुडभेली
  • पटलावद
  • रिंदवन
  • धतुरिया
  • सेमली-3
  • लामगरी
  • भरडावद
  • निरधारी
  • राणाखेडा
  • दौलतपुरा
  • बडोद
  • जवासिया
  • झलारा
  • महुआ
  • ताजखेडी
  • शिवगढ
  • नाहरगढ
  • रणायरा
  • पिपलखुटा
  • टोकडा कुण्डालिया चरणदास
  • हतुनिया
  • चिकला
  • लसुडिया
  • धलपट
  • गरडा
  • असावती
  • किलगारी
  • ढाबा
  • झलारा
  • भालोट
  • हनुमन्तिया
  • अंगारी
  • बोरखेडी घाटा
  • पाडलिया मारू
  • भामखेडी
  • गुराडिया शाह
  • खजुरी आंजना
  • अचेरा
  • लदुना
  • साखतली
  • डिगांवमाली
  • धाकड पिपलिया
  • छांगा
  • टकरावद
  • टोकडा
  • खोती

2. साख सहकारी समितियां (Credit Cooperative Societies)

  • समर्पण साख भैसोदा
  • मंदसौर साख मंदसौर
  • शिरोमणी साख पिपलिया मंडी
  • महाराष्ट्र ब्राहाम्ण समाज साख मंदसौर
  • डेकोरम साख मंदसौर
  • प्रगति साख दलौदा
  • ऋषिश्रंग परस्पर साख मंदसौर
  • शासकीय पेंशनर्स साख मंदसौर
  • मुरलीधुन साख मंदसौर

3. बीज उत्पादक सहकारी समितियां (Seed Producer Societies)

  • अम्बिका बीज पालडी
  • महादेव बीज बालागुढा
  • श्रीनाथ बीज बरखेडा देव
  • सिद्धि विनायक बीज झार्डा
  • बरखेडा देव डुंगरी बीज बरखेडा देव
  • अम्बिका बीज आक्यामेडी
  • मालवा बीज मंदसौर
  • आदर्श बीज गैलाना
  • राधा बीज नंदावता
  • अतिशय बीज पनवाडी
  • जय किसान बीज लौटखेडी
  • महाकाल बीज शामगढ
  • जय भवानी बीज बर्डिया उचा
  • कल्पतरू बीज बनी
  • श्रीराम बीज कोटडा बहादुर
  • श्री गणेश बीज उत्पादक कुरावन
  • अन्नपूर्णा बीज मर्या पालसोडा
  • महावीर बीज रणायरा
  • शेषनाग बीज खजुरीनाग
  • नटराज बीज नगरी

4. मत्स्योद्योग एवं अन्य समितियां (Fisheries and Specialized Societies)

  • आंत्रीमात्रा मत्स्य रतन पिपलिया
  • एकता अ.जा मत्स्य लेदीकला
  • महाराणा मत्स्योद्योग कोटडाखुर्द
  • दशपुर साग सब्जी मंदसौर
  • मंदसौर मंडी व्यापारी मंदसौर
  • पिछडा एवं अल्पसंख्यक भण्डार भानपुरा
  • ग्रामोद्योग दलौदा
  • वुडन फर्नीचर दलौदा
  • मंदसौर महिला बुनकर खिलचीपुरा
  • महिला बुनकर खिलचीपुरा
  • सांई मुद्रणालय मंदसौर
  • दशपुर पर्यटन विकास मंदसौर
  • खान खनिज उत्पाद प्रक्रिया एवं विपणन सहकारी संस्था मर्यादित मंदसौर
  • चारभुजा श्रमिक कामगार सहकारी संस्था मर्यादित रेवासदेवडा (पश्चिम)
  • जय अम्बे कामगार रेवास देवडा
  • जय चम्बल उद्वहन सिंचाई बसई

पक्ष रखने और आपत्ति दर्ज कराने का एक सप्ताह का समय

सहकारिता विभाग के उपायुक्त श्री परमानंद गोडरिया ने इन संस्थाओं से जुड़े सभी कर्ता-धर्ताओं, पदाधिकारियों और सामान्य सदस्यों को सूचित किया है कि यदि इस पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ किसी को कोई आपत्ति है या वे अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो वे एक सप्ताह के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

आवेदक कार्यालयीन समय में उपायुक्त सहकारिता जिला मंदसौर कार्यालय (मित्र वत्सला रामटेकरी) में उपस्थित होकर लिखित रूप से अपना पक्ष या समर्थन प्रस्तुत कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी दावे या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी 112 निष्क्रिय संस्थाओं को समाप्त करने के लिए इसी माह जून 2026 की अंतिम समय सीमा (Dead-line) तय की है और निरस्तीकरण की यह कार्रवाई युद्ध स्तर पर जारी है।

चलते-चलते: कागजी सोसायटियों की विदाई से सहकारिता को मिलेगा बल

मंदसौर जिले में सालों से बंद पड़ी इन 112 सोसायटियों का अस्तित्व खत्म होना एक स्वागत योग्य कदम है। दरअसल, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कई बार राजनीतिक लाभ या सरकारी अनुदान हड़पने के लिए कागजों पर सोसायटियां बना ली जाती हैं, जो कुछ समय बाद बंद हो जाती हैं लेकिन उनका पंजीयन सरकारी फाइलों में दर्ज रहता है। ऐसी ‘कागजी’ समितियों की वजह से वास्तविक काम करने वाले समूहों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते। जून 2026 के अंत तक इन सभी बंद सोसायटियों का अस्तित्व आधिकारिक रूप से समाप्त होने से विभाग का कामकाज पारदर्शी होगा और नई सक्रिय सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा। सहकारिता विभाग की यह त्वरित कार्रवाई जिला सहकारिता के क्षेत्र में स्वच्छता का नया सवेरा लेकर आएगी।


कैलाश विश्वकर्मा

कैलाश विश्वकर्मा

मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)

कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं।

– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया

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कैलाश विश्वकर्मा