कोटा: पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अंतर्गत आने वाले कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशन कोटा रेलवे स्टेशन (Kota Railway Station) पर आज एक बड़ा रेल हादसा टल गया। जल्दबाजी में एक गलत चलती ट्रेन में सवार होने और फिर दिशा का पता चलने पर घबराहट में चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में एक महिला यात्री प्लेटफॉर्म पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारियों की त्वरित सजगता, संवेदनशीलता और तत्परता के चलते घायल महिला को समय रहते स्ट्रेचर की मदद से प्लेटफॉर्म से बाहर लाया गया और तत्काल 108 एम्बुलेंस के माध्यम से राजकीय चिकित्सालय (Government Hospital, Kota) भिजवाया गया, जिससे उन्हें समय पर उचित उपचार मिल सका।

कोटा रेलवे स्टेशन पर घायल महिला यात्री अनुराधा को प्राथमिक सहायता

चित्र: कोटा रेलवे स्टेशन पर घायल महिला यात्री अनुराधा को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराते रेल कर्मी

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वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM, Kota Division) श्री सौरभ जैन ने घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि घायल महिला यात्री की पहचान अनुराधा (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अपने दो मासूम बच्चों के साथ कोटा से जयपुर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। इस दौरान जल्दबाजी में वे गंतव्य की ट्रेन चुनने में चूक कर बैठीं। इस रेल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और तत्परता ने एक बार फिर यात्रियों के प्रति रेलवे की संवेदनशीलता को सिद्ध किया है। पश्चिम मध्य रेलवे हमेशा से अपनी सतर्कता के लिए जाना जाता है, जैसे कि हाल ही में पश्चिम मध्य रेलवे ने राजगढ़ जिले में 4 नए रेलवे स्टेशन यात्री सेवा के लिए अधिसूचित किए हैं, जिससे कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में निरंतर विकास देखने को मिल रहा है।

गंतव्य की भूल और चलती ट्रेन से उतरने का खतरनाक प्रयास

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन के अनुसार, महिला यात्री अनुराधा को जयपुर जाना था। लेकिन हड़बड़ाहट और ट्रेन छूटने के डर के कारण वे जयपुर जाने वाली ट्रेन के स्थान पर प्लेटफॉर्म पर खड़ी गाड़ी संख्या 61616 कोटा-नागदा मेमू (MEMU) ट्रेन में सवार हो गईं।

जैसे ही मेमू ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना हुई, वैसे ही अनुराधा को एहसास हुआ कि वे गलत ट्रेन में बैठ गई हैं और यह ट्रेन जयपुर के बजाय नागदा की दिशा में जा रही है। गलत दिशा में जाने की बात जानकर महिला घबरा गई और उन्होंने बिना सोचे-समझे चलती ट्रेन से ही अपने बच्चों के साथ प्लेटफॉर्म पर उतरने का खतरनाक प्रयास किया। इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप के पास प्लेटफॉर्म पर बुरी तरह गिर गईं, जिससे उनके सिर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आईं। उनके बच्चे सुरक्षित रहे, लेकिन महिला असहनीय दर्द से तड़पने लगीं।

स्टेशन अधीक्षक विकास गुप्ता और स्टाफ की सराहनीय तत्परता

प्लेटफ़ॉर्म पर महिला के गिरने की खबर मिलते ही स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) श्री विकास गुप्ता तत्काल अपने सहयोगी स्टाफ के साथ बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घायल महिला को ढांढस बंधाया और प्राथमिक चिकित्सा के निर्देश दिए।

स्ट्रेचर की मदद से घायल महिला यात्री को तुरंत एम्बुलेंस तक पहुँचाते हुए स्टाफ

चित्र: स्ट्रेचर की मदद से घायल महिला यात्री को तुरंत एम्बुलेंस तक पहुँचाते हुए स्टेशन अधीक्षक और स्टाफ

विकास गुप्ता ने तुरंत वाणिज्य नियंत्रण कक्ष (Commercial Control Room) को घटना से अवगत कराया और तत्काल 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया। इसके बाद तुरंत स्टेशन पर स्ट्रेचर की व्यवस्था करवाई गई और घायल महिला यात्री को प्लेटफॉर्म से उठाकर बाहर मुख्य द्वार पर लाई गई एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। रेल अधिकारियों की इस सक्रियता और मानवता की क्षेत्र में भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है। कोटा मंडल हमेशा से यात्रियों की हर प्रकार की मदद के लिए अग्रणी रहता है; हाल ही में कोटा मंडल आरपीएफ ने ऑपरेशन अमानत के तहत 4.28 लाख का कीमती सामान वापस लौटाया था और बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया था। इसी तरह का संवेदनशील रवैया आज वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शित किया।

कोटा-नागदा मेमू और कोटा-उज्जैन रेल खंड का महत्व

जिस कोटा-नागदा मेमू ट्रेन में यह घटना हुई, वह इस रेल खंड की एक अत्यंत महत्वपूर्ण दैनिक पैसेंजर ट्रेन है। वर्तमान में कोटा मंडल द्वारा इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए हाल ही में कोटा से उज्जैन तक सीधी मेमू सेवा भी शुरू की गई है, जिससे दोनों प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक शहरों के बीच दैनिक यात्रियों को बहुत लाभ मिल रहा है।

घायल महिला यात्री को अस्पताल ले जाने के लिए बुलाई गई एम्बुलेंस

चित्र: घायल महिला यात्री को राजकीय चिकित्सालय ले जाने के लिए बुलाई गई 108 एम्बुलेंस

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक की यात्रियों से अपील: सावधानी ही सुरक्षा है

कोटा रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे के बाद वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने सभी रेल यात्रियों से विनम्र अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान निम्नलिखित बातों का कड़ाई से पालन करें:

  1. समय से पहले पहुंचें: हड़बड़ाहट से बचने के लिए ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचें।
  2. प्लेटफॉर्म और गाड़ी संख्या की जांच करें: स्टेशन पर प्रवेश करते ही लगे डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा प्रणाली (Announcement System) या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप के माध्यम से अपनी गाड़ी संख्या, प्लेटफॉर्म नंबर और गंतव्य की अच्छी तरह जांच कर लें।
  3. चलती ट्रेन में न चढ़ें/उतरें: किसी भी परिस्थिति में चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। यदि ट्रेन छूट जाती है, तो अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय अगली ट्रेन का इंतजार करें या रिफंड का विकल्प चुनें।
  4. सहायता के लिए 139 डायल करें: यात्रा के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति, सुरक्षा या चिकित्सा सहायता के लिए तुरंत भारतीय रेलवे के एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें।

कोटा रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन यात्रियों को स्वयं भी जागरूक रहकर दुर्घटनाओं को न्योता देने से बचना चाहिए। घायल महिला अनुराधा का राजकीय चिकित्सालय में डॉक्टरों की देखरेख में उपचार चल रहा है और उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।


कैलाश विश्वकर्मा

कैलाश विश्वकर्मा

मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)

कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से शिक्षा, कानून-व्यवस्था, रेलवे और जनहित से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं।

– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया

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