कोटा (Railway News): पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने अप्रैल 2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा एवं सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए अपनी मानवीय संवेदनशीलता का शानदार परिचय दिया है। आरपीएफ द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी अभियानों के माध्यम से न केवल यात्रियों का खोया हुआ कीमती सामान उन्हें वापस दिलाया गया, बल्कि परिजनों से बिछड़े मासूम बच्चों को भी सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया।
ऑपरेशन अमानत: यात्रियों को लौटाया 4.28 लाख का सामान
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल माह में संचालित “ऑपरेशन अमानत” के अंतर्गत कोटा मंडल आरपीएफ ने ट्रेनों एवं रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों द्वारा छूटा हुआ सामान बरामद किया। 25 मामलों में कुल ₹4,28,835 मूल्य का सामान बरामद कर विधिवत सत्यापन के उपरांत उसके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया। इस त्वरित कार्रवाई से यात्रियों को बड़ी राहत मिली तथा रेलवे के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते: 9 बिछड़े बच्चों को मिला परिवार का साथ
आरपीएफ की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” अभियान में देखने को मिला। इसके तहत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर बिना अभिभावक के मिले 9 बच्चों को आरपीएफ जवानों ने रेस्क्यू किया। आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन बच्चों को उनके परिजनों अथवा संबंधित संस्थाओं के सुरक्षित सुपुर्द किया गया, जिससे बिछड़े बच्चों को उनका परिवार वापस मिल सका।
ऑपरेशन डिग्निटी के तहत 3 लोगों की जान बचाई
इसके अतिरिक्त, “ऑपरेशन डिग्निटी” के अंतर्गत आरपीएफ ने रेलवे परिसरों में संकटग्रस्त अवस्था में मिले 3 व्यक्तियों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों एवं अभिभावकों को सौंपा।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा निरंतर संचालित ये अभियान कोटा मंडल आरपीएफ की यात्रियों की सुरक्षा, सहायता एवं मानवीय सरोकारों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आरपीएफ के इन प्रयासों से भारतीय रेल की जनसेवा की भावना और अधिक सशक्त हो रही है।
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