रतलाम-उज्जैन मर्डर केस ने बढ़ाई सनसनी
रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र से लापता हुए 22 वर्षीय युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवक का शव उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र स्थित हाटकेश्वर विहार के एक बंद कमरे में मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।


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बाजार जाने निकला युवक, फिर नहीं लौटा
मृतक की पहचान मनीष माली (22) पिता दिनेश माली, निवासी वार्ड क्रमांक 14 विक्रमगढ़, आलोट के रूप में हुई है। मनीष अपने पिता के साथ हम्माली का काम करता था। शुक्रवार शाम को काम से लौटने के बाद वह रात करीब 10:30 बजे बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं आया।
परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह परिवारजन आलोट थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में पिता की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

संदेह के आधार पर युवकों को हिरासत में लिया
परिजनों ने कुछ युवकों पर संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस ने मयंक उर्फ महेंद्र माली, रितेश माली और निलेश माली सहित कुछ लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे मामले की परतें खुलने लगीं।
उज्जैन के मकान से बरामद हुआ शव
पूछताछ के बाद आलोट और उज्जैन पुलिस की टीम हाटकेश्वर विहार पहुंची, जहां एक मकान का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया गया। कमरे के भीतर मनीष का शव मिला, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
प्रेम-प्रसंग और पुरानी रंजिश बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग और पुराना विवाद मुख्य कारण है। करीब डेढ़ साल पहले मनीष और आरोपी मयंक के बीच किसी शादी समारोह में विवाद हुआ था, जो समय के साथ बढ़ता गया।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी और उसके साथी शराब पी रहे थे। इसके बाद उन्होंने मनीष को उसके घर से बुलाया और जबरन कार में बैठाकर उज्जैन ले गए। वहां एक कमरे में फिर से शराब पीने के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई और आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद कमरे में बंद कर भागे आरोपी
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कमरे में ही छोड़ दिया और बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए कुछ आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी रीसेट कर दिए। हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को पकड़ लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
शव मिलने की खबर पर भड़का आक्रोश
जैसे ही युवक की हत्या की खबर गांव में पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग आलोट थाने पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
थाने का घेराव, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की कोशिश
आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने पत्थरबाजी की और थाने के मुख्य गेट का चैनल तोड़ने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
सड़क पर चक्काजाम, बुलडोजर कार्रवाई की मांग
गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के बाहर सड़क जाम कर दी और आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों को कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो मनीष की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने और सार्वजनिक रूप से सजा देने की मांग भी की।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय और आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों के मकानों का सीमांकन शुरू
प्रशासन ने आरोपियों के मकानों की जांच और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि मकान अवैध पाए जाते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जा सकती है। इससे लोगों के आक्रोश को शांत करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, तकनीकी साक्ष्य खंगाले जा रहे
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
इलाके में तनाव, गांव में पसरा सन्नाटा
इस घटना के बाद विक्रमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव में सन्नाटा पसरा है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।