मंदसौर (Mandsaur): विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला चिकित्सालय मंदसौर से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर जिला अस्पताल के तंबाकू त्याग केंद्र (Tobacco Cessation Center Mandsaur) द्वारा निःशुल्क परामर्श और सहायता के माध्यम से तंबाकू मुक्त जीवन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के डीन ने उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को तंबाकू मुक्त जीवन की शपथ दिलाई, तथा मानव श्रृंखला बनाकर समाज को तंबाकू से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया गया।
[फोटो: मंदसौर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर निकाली गई जागरूकता रैली]
नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान से जागरूकता
मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी प्रारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता करते हुए तंबाकू छोड़ने का संकल्प लिया।
सीएमएचओ डॉ. जी.एस. चौहान ने बताया कि 25 से 31 मई तक जिले में विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला अस्पताल स्थित तंबाकू त्याग केंद्र (TCC) पर नागरिकों को तंबाकू छोड़ने हेतु निःशुल्क परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आशा कार्यकर्ताओं एवं जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।
तंबाकू छोड़कर 80 वर्षीय कचरूलाल और शाहिद बने प्रेरणा स्रोत
दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से किसी भी बुरी आदत को छोड़ा जा सकता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय मंदसौर में सम्मानित किए गए दो व्यक्तियों ने यह साबित कर दिखाया है:
80 वर्षीय कचरूलाल की प्रेरक कहानी
80 वर्षीय श्री कचरूलाल किशोरावस्था से तंबाकू सेवन के आदी थे और प्रतिदिन लगभग 30 बीड़ी पीते थे। वर्षों तक धूम्रपान करने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। जिला चिकित्सालय के तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र में परामर्श मिलने के बाद उन्होंने बिना किसी दवा के केवल अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और नियमित काउंसलिंग के सहारे धूम्रपान छोड़ दिया। आज वे स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
[फोटो: तंबाकू की लत छोड़ने पर 80 वर्षीय कचरूलाल का जिला चिकित्सालय में सम्मान]
शाहिद ने एक माह में छोड़ी लत
इसी प्रकार श्री शाहिद पिछले 8 से 10 वर्षों से तंबाकू चबाने की लत से जूझ रहे थे। लगातार सेवन के कारण उनके मुंह का खुलना काफी कम हो गया था। उन्होंने जिला चिकित्सालय के तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र में उपचार शुरू किया, जहां उन्हें निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और नियमित काउंसलिंग उपलब्ध कराई गई। मात्र एक माह में उन्होंने तंबाकू का सेवन पूरी तरह छोड़ दिया और स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस करने लगे।
[फोटो: तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र की मदद से लत छोड़ने वाले शाहिद का सम्मान]
उम्मीद की नई किरण: तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र (TCC)
इन दोनों सफलताओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि तंबाकू की लत चाहे कितनी भी पुरानी क्यों न हो, सही परामर्श, चिकित्सकीय सहायता और दृढ़ संकल्प के साथ उससे पूर्णतः मुक्ति पाई जा सकती है। जिला चिकित्सालय मंदसौर का तंबाकू व्यसन मुक्ति केंद्र ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रहा है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों का मार्गदर्शन, निःशुल्क परामर्श और आवश्यक दवाइयों की सुविधा 100% निःशुल्क उपलब्ध है। आज ही तंबाकू छोड़ें, जीवन चुनें।