कोटा (Kota): पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अंतर्गत आने वाले कोटा मंडल में बीते दिनों हुई एक गंभीर रेल घटना को लेकर प्रशासनिक जांच तेज हो गई है। **राजधानी एक्सप्रेस कोच आग जांच** (Rajdhani Express Coach Fire Investigation) कार्रवाई के तहत गठित उच्चस्तरीय जांच समिति आज 18 मई 2026 को घटनास्थल एवं लूनीरिच्छा स्टेशन पर जले हुए कोच का निरीक्षण करने पहुंची। यह उच्चस्तरीय 6-सदस्यीय समिति पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) श्री दिलीप कुमार सिंह के निर्देश पर गठित की गई है, जिसका नेतृत्व प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनोज गुरुमुखी कर रहे हैं। समिति ने तकनीकी दल के साथ मिलकर जले हुए कोच का गहन स्थलीय मुआयना किया और दुर्घटना के समय ड्यूटी पर तैनात संबंधित रेल कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।

राजधानी एक्सप्रेस कोच आग जांच लूनीरिच्छा

[फोटो: लूनीरिच्छा रेलवे स्टेशन पर जले हुए राजधानी एक्सप्रेस के कोच का निरीक्षण करते प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनोज गुरुमुखी व तकनीकी दल (दिनांक: 18 मई 2026)]

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17 मई को तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में भड़की थी आग

गौरतलब है कि 17 मई 2026 को गाड़ी संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस जब कोटा मंडल से गुजर रही थी, तभी इसके एक जनरेटर-सह-गार्ड कोच में अचानक आग भड़क गई थी। रेलकर्मियों की तत्काल सतर्कता और समन्वित आपातकालीन प्रबंधन (Emergency Management) के कारण आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया था और ट्रेन में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के तुरंत बाद जले हुए कोच को ट्रेन से अलग कर कोटा मंडल के लूनीरिच्छा स्टेशन पर सुरक्षित खड़ा किया गया था।

रेलवे जांच समिति तकनीकी मुआयना

[फोटो: कोच की ब्रेक प्रणाली और निचली तकनीकी संरचना की बारीकी से जांच करते उच्चस्तरीय समिति के सदस्य व रेल इंजीनियर (स्थान: लूनी, उज्जैन डिवीजन)]

उच्चस्तरीय 6-सदस्यीय जांच समिति में शामिल हैं ये दिग्गज अधिकारी

रेल सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए इस विशेष जांच समिति में पश्चिम मध्य रेलवे और देश की प्रमुख रेलवे निर्माण इकाइयों के वरिष्ठतम अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों की सूची निम्नलिखित है:

  1. श्री मनोज गुरुमुखी (संयोजक – प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे)
  2. श्री मुकेश (प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता, पश्चिम मध्य रेलवे)
  3. श्री एम. विजय कुमार (प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता, पश्चिम मध्य रेलवे)
  4. श्री एन.एस. प्रसाद (प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री – ICF)
  5. श्री महेन्द्र सिंह (कार्यकारी निदेशक, PS एवं EMU / अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन – RDSO)
  6. श्री राजीव कुमार (प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, पश्चिम मध्य रेलवे)

कोटा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अनिल कालरा एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) श्री ललित धुरंधर ने अपने विभागीय शाखा अधिकारियों के साथ मिलकर जांच समिति को घटना से जुड़े तकनीकी दस्तावेज, लॉग बुक और स्थलीय निरीक्षण में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

क्षतिग्रस्त राजधानी एक्सप्रेस कोच पिछला हिस्सा

[फोटो: अग्निकांड से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए कोच के पिछले हिस्से और वेस्टिबुल गेट का स्थलीय आकलन करती उच्चस्तरीय जांच समिति]

जांच का उद्देश्य: मूल कारण का पता लगाना और पुनरावृत्ति रोकना

श्री मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में जांच दल ने आज जले हुए कोच की विद्युत तारों (wiring), ब्रेक बाइंडिंग, व्हील एक्सल और जनरेटर की तकनीकी स्थिति का सघन परीक्षण किया। समिति अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट शीघ्र ही रेलवे बोर्ड को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में आग लगने के वास्तविक मूल कारणों का खुलासा किया जाएगा और भविष्य में राजधानी जैसी वीआईपी ट्रेनों में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों की सिफारिश की जाएगी ताकि इस प्रकार के गंभीर हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

🛡️ भारतीय रेलवे का त्वरित आपातकालीन प्रबंधन:

“तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के इस कोच में आग भड़कने के दौरान ड्यूटी पर मुस्तैद रेल कर्मचारियों ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया। आग की लपटें दिखाई देते ही ट्रेन को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रोका गया, यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले जाया गया, और कोच को मुख्य ट्रेन से अलग कर दिया गया। यह समन्वित आपातकालीन प्रबंधन भारतीय रेल की आपदा नियंत्रण प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।”

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कोटा रेल मंडल और रतलाम रेल मंडल की सभी यात्री-हितैषी व संरक्षा से जुड़ी हर प्रामाणिक खबर के लिए लगातार बने रहें ‘यशस्वी दुनिया’ के साथ।

कैलाश विश्वकर्मा