मंदसौर (Mandsaur): मंदसौर जिले में मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का एक बेहद सनसनीखेज और अनोखा मामला उजागर हुआ है। **डाक पार्सल अफीम तस्करी मंदसौर** (Mandsaur Postal Opium Smuggling Attempt) के इस बड़े मामले में, तस्करों द्वारा डाक विभाग के नेटवर्क का उपयोग कर अफीम को विदेशों में भेजने की नाकाम कोशिश की गई। शहर के हृदय स्थल में स्थित बीएसएनएल (BSNL) परिसर के प्रधान डाकघर में विदेश भेजने के लिए बुक कराए जा रहे एक पार्सल को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) और सतर्क डाक कर्मचारियों ने समय रहते जब्त कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई में करीब 455 ग्राम उच्च श्रेणी की अफीम जब्त की गई है, जबकि पार्सल बुक कराने आया संदेहास्पद युवक चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

📢 यशस्वी दुनिया विशेष संपादकीय टिप्पणी:

“स्पीड पोस्ट के दुरुपयोग का इससे बेहतरीन उदाहरण क्या मिलेगा… इस घटना से यह सीख मिलती है की पोस्ट ऑफिस में अब scanner लगाया जाए ताकि भेजने वाली हर चीज का पता लग जा सके कि प्रेषक क्या भेज रहा है यह गोरख धंधा कितने दिनों…?? से कितनी बार…?? कितने लोगों..?? द्वारा किया गया होगा यह सोचकर ही आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे..? विदेश भेजने वाली सभी डाक प्रेषकों का रिकॉर्ड पुलिस खंगाले तो कई धमाके हो खुलासे इस मामले पर हो सकते हैं आवश्यकता है गहन छानबीन की।”

डाक पार्सल अफीम तस्करी मंदसौर लव पैन कैंडी

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[फोटो: ‘लव पैन’ (Luv Pen) कैंडी की आड़ में पार्सल के अंदर छिपाकर कनाडा भेजी जा रही थी 455 ग्राम अफीम की खेप]

‘लव पैन’ (Luv Pen) कैंडी के रैपरों में छुपाकर की जा रही थी मादक पदार्थ की तस्करी

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) मंदसौर सेल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 18 मई 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर सीबीएन की टीम ने प्रधान डाकघर में दबिश दी। जांच के दौरान जब अधिकारियों ने संदेहास्पद पार्सल को खोला, तो उसके भीतर ‘लव पैन’ (Luv Pen) नाम की कैंडी वाले दो बक्से (Candy Boxes) बरामद हुए। तस्करों ने सुरक्षा अधिकारियों को गुमराह करने के लिए कैंडी के चमकीले हरे और सुनहरे रैपरों को सावधानीपूर्वक खोलकर, उनके भीतर से वास्तविक कैंडी निकालकर गोल पाउच के आकार में काली अफीम भर दी थी। सभी रैपरों को खोलने पर 25 अफीम के पाउच बरामद हुए, जिनका कुल वजन 455 ग्राम (0.455 Kgs) मापा गया, जबकि शेष रैपरों में असली कैंडी ही मौजूद थी।

मंदसौर डाकघर सीबीएन पुलिस रेड

[फोटो: मंदसौर के प्रधान डाकघर के अंदर जांच पड़ताल और अफीम की पंचनामा कार्रवाई को अंजाम देते सीबीएन व स्थानीय पुलिस अधिकारी]

📄 केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति:

विभाग / सेल: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) मंदसौर सेल
ऑपरेशन की तारीख: 18 मई 2026 (18.05.2026)
बरामद कमोडिटी: गैरकानूनी अफीम (Illegal Opium) — कुल 0.455 किलोग्राम (455 ग्राम)
पार्सल गंतव्य स्थान: ओंटारियो, कनाडा (Ontario, Canada)
तस्करी का तरीका (Modus Operandi): ‘लव पैन’ (Luv Pen) कैंडी के दो बक्सों में, कैंडी रैपर के अंदर अफीम को पाउच के रूप में लपेटकर छिपाया गया था (कुल 25 अफीम के पाउच बरामद)।
कानूनी कार्रवाई: NDPS अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त, आगे की गहन जांच जारी।

डाकघर कर्मियों की सजगता से फरार हुआ संदेहास्पद आरोपी

प्रेस नोट के मुताबिक, सीबीएन की टीम के डाकघर पहुंचने से पहले ही, बुकिंग काउंटर पर संदेहास्पद पार्सल बुक करने की कोशिश कर रहा युवक डाक कर्मियों की सतर्कता और पूछताछ से घबरा गया। अधिकारियों और पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह पार्सल को मौके पर ही छोड़कर रफूचक्कर होने में सफल रहा। सीबीएन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे प्रतिबंधित माल को एनडीपीएस (NDPS Act, 1985) अधिनियम के तहत जब्त कर लिया है।

अफीम तस्कर सीसीटीवी फुटेज मंदसौर

[फोटो: सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ पार्सल बुक कराने आए फरार संदेहास्पद तस्कर युवक का चेहरा (हरे घेरे में)]

कनाडा (ओंटारियो) तक फैले मादक पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की जांच तेज

सीबीएन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पार्सल को **कनाडा के ओंटारियो (Ontario, Canada)** भेजा जाना सुनिश्चित हुआ था। सीबीएन और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि मालवा क्षेत्र में कौन-सा गिरोह डाक सेवाओं का दुरुपयोग कर अवैध मादक पदार्थों को सीधे विदेशों में भेज रहा है। फरार युवक की पहचान के लिए जारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

🎯 विश्लेषण: स्पीड पोस्ट के दुरुपयोग और सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल:

“सरकारी डाक विभाग की स्पीड पोस्ट (Speed Post) सेवा का मादक पदार्थों की तस्करी के लिए दुरुपयोग का इससे बड़ा और बेहतरीन उदाहरण और क्या मिल सकता है? यह घटना सीधे तौर पर हमारे डाकघरों के सुरक्षा ढांचे पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।”

1. हर डाकघर में स्कैनर (Scanner) होना बेहद आवश्यक:

इस घटना से प्रशासन को यह बड़ी सीख मिलती है कि अब समय आ गया है कि देश के प्रत्येक मुख्य डाकघर, विशेष रूप से ‘प्रधान डाकघरों’ में अत्याधुनिक एक्स-रे सामान स्कैनर (Baggage Scanner) लगाए जाएं। जब तक हर भेजने वाली वस्तु को तकनीकी रूप से स्कैन नहीं किया जाएगा, तब तक प्रेषक (sender) क्या भेज रहा है, इसका सटीक पता लगाना डाक कर्मियों के लिए नामुमकिन रहेगा।

2. यह गोरखधंधा कितने दिनों से और कितनी बार हुआ होगा?

यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं और आश्चर्य होता है कि आखिर यह अवैध गोरखधंधा कितने दिनों से चल रहा होगा? तस्करों द्वारा कितनी बार और कितने लोगों के माध्यम से इसी प्रकार डाक के जरिए विदेशों में ड्रग्स की सफल डिलीवरी कराई जा चुकी होगी? क्योंकि बिना स्कैनर के सामान्य कपड़े या डिब्बे में छिपाई गई ड्रग्स को पहचान पाना हर बार संभव नहीं होता।

3. विदेश जाने वाली डाक के प्रेषकों की जांच से होंगे बड़े खुलासे:

आवश्यकता इस बात की है कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और सीबीएन की टीम पिछले एक से दो वर्षों के दौरान इस डाकघर से विदेशों (विशेष रूप से कनाडा, यूरोप और खाड़ी देशों) में भेजी गई सभी स्पीड पोस्ट और पार्सलों के प्रेषकों (Senders) का पूरा रिकॉर्ड खंगाले। यदि इन संदिग्ध पतों और प्रेषकों का गहन पुलिस सत्यापन (Verification) किया जाए, तो मादक पदार्थ तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और बड़े सरगना बेनकाब हो सकते हैं।

📦 डाक पार्सल बुकिंग पर सीबीएन की विशेष चेतावनी:

“नारकोटिक्स विभाग द्वारा सभी कूरियर और सरकारी डाक कर्मचारियों को विदेशों में जाने वाले पार्सलों की गहन जांच करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। किसी भी बुकिंग के समय सेंडर का आधिकारिक पहचान पत्र (आधार/पैन कार्ड) और मोबाइल नंबर का लाइव सत्यापन अनिवार्य है। संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर तुरंत सीबीएन को सूचित करें।”

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🎥 मंदसौर डाक विभाग अधिकारी का लाइव वीडियो बयान:


📺 यूट्यूब पर सीधा बयान देखें (Click to Watch on YouTube)

कैलाश विश्वकर्मा