मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ जारी सख्त अभियान के बीच पिपलियामंडी थाना पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने वाले अड्डों पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में लहान (कच्ची शराब बनाने वाला घोल) बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। घटना के बाद इलाके में अवैध कारोबारियों के बीच खलबली मच गई है।
गुप्त सूचना से खुला पूरा खेल
पुलिस को पहले से सूचना मिल रही थी कि काचरिया चंद्रावत गांव में कुछ लोग छिपकर कच्ची शराब बनाने के अवैध धंधे में लगे हुए हैं। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने टीम के साथ योजना बनाई और बिना देर किए कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए अचानक दबिश दी, जिससे वे सीधे उन स्थानों तक पहुंच गए जहां अवैध शराब तैयार की जा रही थी।
तालाबों के आसपास गड्ढों में चल रहा था कारोबार
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी बेहद चालाकी से काम कर रहे थे। उन्होंने अपने ठिकाने खुले स्थानों पर न बनाकर तालाब किनारे गहरी खाइयों और गड्ढों में तैयार किए थे। इन जगहों पर बड़े बर्तनों और ड्रमों में लहान तैयार किया जा रहा था।
ऐसे स्थानों का चयन इस तरह किया गया था कि पुलिस या स्थानीय लोगों की नजर वहां आसानी से न पहुंचे। इससे साफ है कि यह काम सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था।

400 लीटर लहान मौके पर किया नष्ट
दबिश के दौरान पुलिस को मौके पर बड़ी मात्रा में लहान मिला। करीब 400 लीटर लहान को पुलिस ने तुरंत नष्ट कर दिया ताकि उसका उपयोग शराब बनाने में न हो सके। यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबारियों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
पुलिस टीम ने क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली और जहां-जहां लहान मिला, उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया।
कार्रवाई से पहले ही आरोपी हो गए फरार
हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई में कोई आरोपी पकड़ा नहीं जा सका। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की भनक लगते ही आरोपी पहले ही मौके से भाग निकले। यह भी माना जा रहा है कि उनके पास सूचना देने का कोई नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख
थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कच्ची शराब लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होती है और कई बार जानलेवा भी साबित होती है, इसलिए ऐसे कारोबार को खत्म करना जरूरी है।
ग्रामीणों ने जताई संतुष्टि
इस कार्रवाई के बाद गांव के लोगों में राहत का माहौल देखा गया। लंबे समय से अवैध शराब के कारण सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से अपराध पर लगाम लगेगी और युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकेगा।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की मांग की।
अवैध शराब कारोबार बना चुनौती
मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब का धंधा एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज में अपराध और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करता है।
कई बार जहरीली शराब के सेवन से गंभीर हादसे भी सामने आते रहे हैं, जिससे इस समस्या की गंभीरता और बढ़ जाती है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अवैध शराब बनाने और बेचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वे कितनी भी चालाकी से अपने ठिकाने छिपाएं, पुलिस उन्हें ढूंढ निकालने में सक्षम है।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मंदसौर पुलिस की यह कार्रवाई अवैध शराब के खिलाफ जारी अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसी और सख्त कार्रवाइयों की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे जिले में कानून व्यवस्था मजबूत हो सके।