भानपुरा में गोल्ड लोन का बड़ा फर्जीवाड़ा: ‘नकली सोने’ से असली लाखों बटोरने वाले दो शातिर गिरफ्तार, तमिलनाडु की कंपनी को लगाया चूना
भानपुरा (मंदसौर): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग और फाइनेंस जगत में हड़कंप मचा दिया है। दो शातिर युवकों ने अपनी चतुराई से एक प्रतिष्ठित गोल्ड लोन कंपनी की आंखों में धूल झोंकते हुए नकली सोने के बदले लाखों रुपये का लोन हासिल कर लिया। हालांकि, उनकी यह होशियारी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और जब वे दूसरी बार इसी तरह की धोखाधड़ी करने पहुँचे, तो पकड़े गए।

भानपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य शहरों या बड़ी धोखाधड़ी की वारदातों से भी जुड़े हैं।
क्या है पूरा मामला? (The Modus Operandi)
भानपुरा थाना प्रभारी (TI) आर.सी. डांगी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा ‘आशीर्वाद गोल्ड लोन’ कंपनी (Aashirwad Gold Loan) के साथ हुआ है। मामले की शुरुआत तब हुई जब आरोपियों ने सोने के गहने असली बताकर कंपनी में गिरवी रखे और उसके बदले करीब 7 लाख रुपये का कर्ज प्राप्त कर लिया। शुरुआत में कंपनी के कर्मचारियों और वैल्यूअर्स को भी सोने की मिलावट का पता नहीं चल सका।
आरोपियों का हौसला इतना बढ़ गया कि उन्होंने दोबारा इसी तरीके से लोन लेने की साजिश रची। बुधवार को जब आरोपी फिर से कंपनी के कार्यालय पहुँचे और सोने के नए जेवरात गिरवी रखने के लिए दिए, तो कंपनी के अधिकारियों को कुछ संदेह हुआ। इस बार सोने की बारीकी से जांच की गई, जिसमें परतें खोलने पर पता चला कि सोना मिलावटी (नकली) है।
तमिलनाडु के फरियादी ने दर्ज कराई FIR
धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद, कंपनी के प्रतिनिधि सेल्वम कुप्पन पिता कुप्पन (उम्र 43 वर्ष), निवासी मेनस्थरी बलालु टम्बलपाडी, जिला सेलम (तमिलनाडु) ने तत्काल भानपुरा थाने पहुँचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
आरोपियों की पहचान:
- समीर खान (निवासी क्षेत्र भानपुरा)
- शाहिद पठान (निवासी क्षेत्र भानपुरा)
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
भानपुरा पुलिस ने सूचना मिलते ही एक टीम का गठन किया और आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले भी नकली सोना गिरवी रखकर करीब 7 लाख रुपये का लोन लिया था। पुलिस ने उनके पास से संबंधित दस्तावेज और सामग्री जब्त की है।
गोल्ड लोन कंपनियों के लिए खतरे की घंटी
यह मामला अन्य गोल्ड लोन कंपनियों और बैंकों के लिए भी एक चेतावनी है। तस्कर और जालसाज अब सोने के जेवरों पर असली सोने की इतनी बारीक परत चढ़ाते हैं कि शुरुआती जांच में उसे पकड़ पाना नामुमकिन होता है। भानपुरा टीआई आर.सी. डांगी ने क्षेत्र के अन्य वित्तीय संस्थानों को भी अपनी जांच प्रक्रिया और अधिक कड़ी करने की सलाह दी है।
इन्वेस्टिगेशन में बड़े खुलासे की उम्मीद
पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है। यह संदेह जताया जा रहा है कि समीर और शाहिद किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं जो मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने यह मिलावटी सोना कहां से बनवाया था और उन्हें इस धोखाधड़ी के लिए तकनीकी जानकारी किसने दी थी।
निष्कर्ष: कानून के शिकंजे में जालसाज
भानपुरा पुलिस की इस सफलता ने न केवल एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, बल्कि क्षेत्र के व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों में सुरक्षा का विश्वास भी जगाया है। मंदसौर पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार मुस्तैद है।
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