कोटा। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सामान की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी प्रतिबद्धता की एक और मिसाल पेश करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कोटा पोस्ट ने ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत एक यात्री का ट्रेन में छूटा हुआ कीमती मोबाइल फोन सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। रेल मदद पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत ने इस पूरी कार्रवाई में सूत्रधार की भूमिका निभाई।

गाड़ी संख्या 12979 में छूटा था मोबाइल
घटना के अनुसार, गाड़ी संख्या 12979 के कोच एस-05 की सीट संख्या 65 पर बोरीवली से रतलाम तक की यात्रा कर रही महिला यात्री प्रमीला गांधी एवं सुनीता जैन का मोबाइल फोन गलती से गाड़ी में ही छूट गया। यात्रा समाप्त होने के बाद जब उन्हें मोबाइल न होने का एहसास हुआ, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से दी। इस मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 8,000 रुपये बताई जा रही है।
भारतीय रेलवे का “रेल मदद” पोर्टल यात्रियों के लिए सुरक्षित सफर की गारंटी है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने दी जानकारी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि जैसे ही रेल मदद पोर्टल पर मोबाइल खोने की शिकायत प्राप्त हुई, कोटा कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया। कंट्रोल रूम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त गाड़ी के कोटा आगमन की प्रतीक्षा की और संबंधित टीम को अलर्ट किया।
आरपीएफ टीम की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
जैसे ही ट्रेन कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह ने तत्काल कोच एस-05 में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। अपनी व्यावसायिक दक्षता और सतर्कता का परिचय देते हुए उन्होंने कोच की सीट संख्या 65 के पास से उक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिया। मोबाइल मिलने के बाद उसे नियमानुसार आरपीएफ पोस्ट कोटा पर सुरक्षित जमा कराया गया।
परिजनों को सौंपा गया ‘अमानत’ का सामान
मोबाइल बरामदगी के बाद आरपीएफ द्वारा संबंधित यात्री को सूचना दी गई। यात्री की ओर से उनके परिजन श्री अमन जैन आरपीएफ पोस्ट कोटा पर उपस्थित हुए। उपनिरीक्षक सुमित रघुवंशी द्वारा सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं और पूर्ण तस्दीक के उपरांत उक्त मोबाइल फोन सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर यात्री के परिजनों ने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ कोटा की इस त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
क्या है ‘ऑपरेशन अमानत’?
भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों के खोए हुए सामान को वापस दिलाने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन अमानत’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत आरपीएफ की टीम ट्रेनों और स्टेशनों पर लावारिस मिले सामान को सुरक्षित रखती है और उसे उसके असली मालिक तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करती है। यात्री रेलवे की वेबसाइट पर जाकर अपने खोए हुए सामान की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
रेलवे की अपील: 139 पर करें संपर्क
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान के प्रति सतर्क रहें। यदि गाड़ी में कोई भी सामान छूट जाता है या चोरी हो जाता है, तो बिना देर किए तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें अथवा रेल मदद ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ। समय पर दी गई जानकारी से सामान की बरामदगी की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।
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