*दी इनसाइड स्टोरी विजयेन्द्र फांफरिया के साथ*

कलेक्टर अदिती गर्ग ने मंदसौर के लिए जो सपना देखा, समाजसेवी प्रदीप गनेड़ीवाल परिवार ने पूरा कर दिया

जिला चिकित्सालय में लगेगी अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन

रिपोर्ट: विजयेन्द्र फांफरिया

संपर्क: 8878795635

Advertisement

मंदसौर। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए मंदसौर कलेक्टर अदिती गर्ग हमेशा तत्पर रहती हैं। बैशाखियों के सहारे खड़े रहने वाले हमारे जिला चिकित्सालय में आज बहुत हद तक सुधार हुआ है। इसमें मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी या सिविल सर्जन का कोई रोल नहीं है, जिला चिकित्सालय में जो स्वास्थ्य सेवाएं सुधरी हैं उसका पूरा क्रेडिट कलेक्टर अदिती गर्ग को जाता है। आज जिला चिकित्सालय में उपचाररत मरीज के बेड पर पहुंचकर आयुष्मान का लाभ दिलवाया जा रहा है। ओपीडी पर हर समय डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं, जांच भी यहीं हो रही है। कमियां निकालने वाले तो कमियां निकालते रहेंगे, लेकिन यह बात सच है कि दो वर्ष पहले के जिला चिकित्सालय में और आज के जिला चिकित्सालय में जमीन-आसमान का अंतर है। (आप पढ़ रहे हैं दी इनसाइड स्टोरी विजयेन्द्र फांफरिया के साथ)

खैर, हम बात कर रहे हैं अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन की, जिसे मंदसौर में लगाने का सपना लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मंदसौर कलेक्टर अदिती गर्ग ने देखा था। राशि लाखों में होने के कारण शासन स्तर से बहुत ज्यादा मदद नहीं मिल सकती थी, इसलिए कलेक्टर ने इसे मंदसौर के समाजसेवियों के माध्यम से पूरा करने की ठानी। सार्वजनिक कार्यक्रमों में जहाँ भी कलेक्टर सम्मिलित होती थीं, वहां वे अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन का जिक्र जरूर करती थीं। मुहीम धीरे-धीरे आगे बढ़ती चली गई। (आप पढ़ रहे हैं दी इनसाइड स्टोरी विजयेन्द्र फांफरिया के साथ)

राशि लाखों में होने के कारण कलेक्टर अदिती गर्ग ने सोचा कि इसके लिए चार से पांच बड़े दानदाताओं की आवश्यकता होगी। कलेक्टर इसके लिए सतत प्रयासरत रहीं। शहर की समाजसेवी संस्थाओं जैसे रोटरी क्लब, लायंस क्लब आदि से भी लगातार सम्पर्क रहा। फिर एक दिन कलेक्टर की बात मंदसौर के समाजसेवी प्रदीप गनेड़ीवाल से हुई। जैसे ही कलेक्टर ने अपनी बात प्रदीप गनेड़ीवाल जी के सामने रखी, उन्होंने आधे मिनट में इसकी स्वीकृति दे दी। इसमें रोटरी क्लब की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अब कलेक्टर के प्रयासों और समाजसेवी प्रदीप गनेड़ीवाल परिवार के सहयोग से मंदसौर जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन की सौगात मिलने वाली है। आलोचना करने वाले यहां भी आलोचना कर सकते हैं, वे कहेंगे कि पहले से सोनोग्राफी मशीन जिला चिकित्सालय में रखी है लेकिन उसका ऑपरेटर नहीं है… आमजनों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है… एसडीपी मशीन अभी तक जिला चिकित्सालय में नहीं लगी है। ऐसी बहुत सी बातें होंगी और होती हैं, लेकिन यह भी सच है कि मंदसौर वासियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन लगेगी। लेकिन यह असंभव कार्य भी मंदसौर कलेक्टर अदिती गर्ग ने कर दिखाया है। (आप पढ़ रहे हैं दी इनसाइड स्टोरी विजयेन्द्र फांफरिया के साथ)

आपको बता दें कि समाजसेवी श्री प्रदीप गनेड़ीवाल परिवार द्वारा उनके पिताजी स्व. श्री रणछोड़ प्रसाद जी गनेड़ीवाल की स्मृति में दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं में सहयोग प्रदान किया गया है। रोटरी क्लब मंदसौर के माध्यम से जिला चिकित्सालय में लगभग 45 लाख रुपये लागत की अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन स्थापित की जा रही है, जबकि इससे पूर्व आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कार्डियक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की पहल भी की जा चुकी है। (आप पढ़ रहे हैं दी इनसाइड स्टोरी विजयेन्द्र फांफरिया के साथ)

क्या है अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन : यह एक विशेष प्रकार की एक्स-रे मशीन है, जिसका उपयोग स्तनों (ब्रेस्ट) के अंदरूनी ऊतकों की जांच के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक अवस्था में ही स्तन कैंसर का पता लगाना है, ताकि समय पर सटीक इलाज संभव हो सके। मशीन कम खुराक वाले रेडिएशन का उपयोग करके स्तन का एक्स-रे (मैमोग्राम) लेती है।

कैलाश विश्वकर्मा