कोटा (Kota): भारतीय रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं और यातायात को सुगम बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, कोटा-नागदा रेलखंड (Kota-Nagda Railway Section) के कँवलपूरा-दरा सेक्शन में रेल अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण कार्य के अंतर्गत शुक्रवार को डाउन लाइन पर ‘आरएच गर्डर लॉन्चिंग’ (RH Girder Launching) का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया गया है।

आर्च ब्रिज संख्या 148 के पास अतिरिक्त सड़क मार्ग

यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य आर्च ब्रिज संख्या 148 के निकट एक अतिरिक्त सड़क मार्ग विकसित करने की परियोजना के तहत किया जा रहा है। इस रेल अंडर ब्रिज के बन जाने से क्षेत्र के लोगों को रेलवे लाइन पार करने के लिए एक सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे सड़क यातायात की बड़ी समस्या का समाधान होगा।

Railway RH Girder Launching Progress

600 मीट्रिक टन क्षमता वाली भारी क्रेन का उपयोग

पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने इस कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि डाउन लाइन पर शुक्रवार को दोपहर 12:50 बजे से 16:45 बजे तक कुल 3 घंटे 55 मिनट का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया गया था। इस ब्लॉक अवधि के दौरान, 600 मीट्रिक टन क्षमता वाली भारी क्रेन की सहायता से 68 मीट्रिक टन वजनी आरएच गर्डर को पूरी सुरक्षा और सटीकता के साथ सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।

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खास बात यह रही कि कार्य निर्धारित समय के भीतर ही पूर्ण कर लिया गया, जिसके बाद ब्लॉक समय पर समाप्त कर रेल यातायात को सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया।

Heavy Crane Launching RH Girder

अगला कदम: आरसीसी बॉक्स पुशिंग तकनीक

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को गर्डर लॉन्चिंग का कार्य उसी 600 मीट्रिक टन क्षमता वाली क्रेन से किया गया, जिसका उपयोग इससे पिछले दिन (पूर्व दिवस) के कार्य में भी किया गया था। इस कार्य के लिए रेलवे ने किसी नई क्रेन का उपयोग नहीं किया है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हुई। इसी प्रकार का गर्डर लॉन्चिंग का कार्य अप लाइन पर भी अगला ब्लॉक मिलने पर जल्द ही किया जाएगा।

31 जुलाई तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य

यह स्थापित किया गया आरएच गर्डर रेलवे ट्रैक के नीचे 6 मीटर × 6 मीटर आकार के आरसीसी (RCC) बॉक्स को ‘पुशिंग तकनीक’ (Pushing Technology) से स्थापित करने में अत्यधिक सहायक होगा। रेल प्रशासन के अनुसार, आरसीसी बॉक्स पुशिंग का यह कार्य इसी माह की 21 तारीख तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद आरएच गर्डरों को हटाने की प्रक्रिया की जाएगी।

यह परियोजना आगामी 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में आम जनता और सड़क यातायात के लिए एक सुरक्षित और निर्बाध मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

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कैलाश विश्वकर्मा