मंदसौर (News): सोमवार शाम मंदसौर में आंधी-तूफान और बारिश ने जहां आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया, वहीं एक वृद्ध और निराश्रित महिला की पीड़ा ने हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लगभग 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने ग्राम पंचायत करजू निवासी रुक्मण बाई पाटीदार का वह छोटा सा आशियाना भी छीन लिया, जिसे उन्होंने वर्षों की मजबूरी और संघर्ष के बीच प्लास्टिक की पन्नियों और अस्थायी सामग्री से तैयार किया था।
आंधी में बिखर गया आशियाना
पति स्वर्गीय कारूलाल पाटीदार के निधन के बाद रुक्मण बाई आकोदड़ा स्थित कालिका माता मंदिर परिसर में एक छोटी दुकान चलाकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रही हैं। दुकान के पास ही उन्होंने रहने के लिए एक अस्थायी झोपड़ीनुमा आश्रय बना रखा था। सोमवार शाम जब मंदसौर में आंधी-तूफान और भारी बारिश शुरू हुई तो कुछ ही मिनटों में उनका यह आशियाना तिनके की तरह उड़कर बिखर गया।
बारिश और हवाओं के बीच वृद्ध महिला का संघर्ष
बारिश के बीच वृद्ध महिला खुद को और अपने सामान को बचाने के लिए प्लास्टिक की चादरों का सहारा लेती नजर आईं। तेज हवाओं और ठंड के बीच उनका यह संघर्ष देखने वालों की आंखें नम कर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रुक्मण बाई लंबे समय से आर्थिक तंगी और असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी आवास जैसी मूलभूत सरकारी सुविधा भी नहीं मिल सकी है।
सरकारी योजनाओं पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन रुक्मण बाई जैसी जरूरतमंद और निराश्रित महिला आज भी इन सुविधाओं से कोसों दूर दिखाई देती हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते उन्हें योजनाओं का लाभ मिला होता तो आज उन्हें खुले आसमान के नीचे इस तरह की भारी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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मौसम विभाग का अलर्ट
इधर मौसम विभाग ने मंदसौर और नीमच जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग
रुक्मण बाई की दयनीय स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सर्वे कर उन्हें आवास, पेंशन और अन्य आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उनका कहना है कि किसी भी समाज की संवेदनशीलता का वास्तविक आकलन इसी बात से होता है कि वह अपने सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों के साथ कितना खड़ा रहता है।
यशस्वी दुनिया की अपील है कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निराश्रित महिला को राहत और स्थायी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में शीघ्र कदम उठाएं।
ग्राउंड रिपोर्ट वीडियो देखें:
– संवाददाता: गोपाल मालेचा
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