शामगढ़: श्रीमती कमलाबाई सेठिया का मरणोपरांत नेत्रदान, दो जिंदगियों में होगा उजाला

शामगढ़: मानवता की मिसाल, श्रीमती कमलाबाई सेठिया का मरणोपरांत नेत्रदान; दो व्यक्तियों के जीवन में होगा उजाला

शामगढ़ (यशस्वी दुनिया न्यूज़): क्षेत्र के प्रतिष्ठित सेठिया परिवार ने शोक की घड़ी में भी मानवता के प्रति अपने समर्पण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। लायंस क्लब शामगढ़ के पूर्व अध्यक्ष श्री बंशीलालजी सेठिया (चुना वाला) की धर्मपत्नी और माणक् सेठिया एवं श्याम सेठिया की पूजनीय माताजी श्रीमती कमलाबाई सेठिया के दुखद निधन पर उनके परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान का पुनीत निर्णय लिया।

यह पुनीत कार्य न केवल समाज के लिए एक प्रेरणा है, बल्कि इससे दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी का नया सवेरा होगा।

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सेठिया परिवार का सराहनीय निर्णय

श्रीमती कमलाबाई के निधन के उपरांत, शोक संतप्त परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा और सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए नेत्रदान के लिए अपनी सहमति प्रदान की। परिजनों का मानना है कि उनकी माताजी की आंखें किसी और के जीवन का मार्ग प्रशस्त करेंगी, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस संवेदनशील और प्रेरणादायक कदम की पूरे शामगढ़ क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

चिकित्सा टीम द्वारा नेत्र उत्सर्जन

नेत्रदान की सूचना मिलने पर चिकित्सा टीम तत्काल सक्रिय हुई। प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमित धनोतिया एवं ऑप्टोमेट्रिस्ट उमेश गहलोत द्वारा पूर्ण सम्मान और चिकित्सकीय मानकों के साथ नेत्र उत्सर्जन की प्रक्रिया संपन्न की गई। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर किए गए इस दान से नेत्रों की गुणवत्ता बनी रहती है और यह प्रत्यारोपण के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध होता है।

लायंस क्लब ने व्यक्त किया आभार

इस पुनीत कार्य के लिए लायंस क्लब शामगढ़ ने सेठिया परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि बंशीलालजी सेठिया और उनके पुत्रों द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज के अन्य लोगों को भी मरणोपरांत अंगदान और नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित करेगा। लायंस क्लब हमेशा से नेत्रदान के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चलाता रहा है, और ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

नेत्रदान का महत्व: एक महान दान

भारत में नेत्रदान की आवश्यकता और आपूर्ति के बीच एक बड़ा अंतर है। एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों को दृष्टि प्रदान कर सकता है। शामगढ़ के सेठिया परिवार ने इस पुनीत कार्य के जरिए यह संदेश दिया है कि मृत्यु के बाद भी हम किसी के काम आ सकते हैं। ‘यशस्वी दुनिया’ परिवार भी श्रीमती कमलाबाई सेठिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और सेठिया परिवार के इस सेवाभावी निर्णय को नमन करता है।


ऐसी ही सामाजिक और प्रेरक खबरों के लिए देखते रहें ‘यशस्वी दुनिया’।