दूध के टैंकर में छिपाकर हो रही थी करोड़ों के नशे की सप्लाई! ‘पुष्पा स्टाइल’ तस्करी का सुवासरा पुलिस ने किया पर्दाफाश
सुवासरा पुलिस द्वारा जब्त किया गया दूध का टैंकर और आरोपी (फाइल फोटो)
सुवासरा (मंदसौर): जिले की सुवासरा पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक ऐसी बड़ी और हैरतअंगेज कार्रवाई की है, जिसने फिल्म “पुष्पा” की यादें ताजा कर दी हैं। फिल्म में जिस तरह से दूध या अन्य जरूरी सामानों की आड़ में तस्करी के नए-नए और शातिर तरीके अपनाए जाते थे, ठीक उसी तर्ज पर सुवासरा में भी दूध के टैंकर का इस्तेमाल कर अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी। बाहर से देखने पर यह वाहन बिल्कुल सामान्य दूध सप्लाई करने वाला टैंकर नजर आता था, लेकिन इसके अंदर लाखों रुपए का काला धंधा छिपा हुआ था।

पुलिस की इस तत्परता और सटीक सूचना तंत्र ने तस्करों के इस हाईटेक और शातिर नेटवर्क की धज्जियां उड़ा दी हैं। सुवासरा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे जिले और खासकर सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
मुखबिर की पक्की सूचना से खुला राज
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा पूरे प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों और उनके अवैध कारोबार के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंदसौर पुलिस अधीक्षक **श्री विनोद कुमार मीणा** ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय तस्करों पर पैनी नजर रखी जाए और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाए।
एसपी के इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए सुवासरा पुलिस लगातार अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक बेहद पुख्ता और गोपनीय सूचना मिली कि एक दूध के टैंकर में बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ (डोडाचूरा) भरकर उसे तस्करी के लिए बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर आ गया।
कच्चे रास्ते पर घेराबंदी और फिर बड़ी कामयाबी
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक **हेमलता कुरील** और एसडीओपी **दिनेश प्रजापति** के कुशल नेतृत्व में तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम को निर्देशित किया गया कि वे बिना किसी देरी के मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचे और संदिग्ध वाहन की घेराबंदी करें।
थाना प्रभारी **राजेन्द्र सिंह बघेल** के निर्देशन में रूनिजा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक **भारत कटारा** और उनकी पूरी पुलिस टीम ने सुवासरा की नई आबादी धानखेड़ा के कच्चे रास्ते पर, गणेश मगरा क्षेत्र के पास मोर्चा संभाला और घेराबंदी की।
कुछ ही समय बाद पुलिस टीम को एक सफेद रंग का पीकअप दूध टैंकर (क्रमांक MP14GC2706) आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने बिना किसी हड़बड़ाहट के वाहन को बहुत ही सूझबूझ के साथ रोक लिया। जब वाहन को रोका गया, तो ड्राइवर ने बहुत ही सामान्य व्यवहार किया और जताने की कोशिश की कि वह केवल दूध की सप्लाई कर रहा है।
टैंकर की सघन तलाशी में पुलिस भी रह गई दंग
शुरुआत में देखने पर वाहन बिल्कुल सामान्य दूध सप्लाई वाहन जैसा ही लग रहा था और उसमें दूध के बर्तन भी रखे हुए थे। लेकिन पुलिस के पास चूंकि पक्की सूचना थी, इसलिए टीम ने केवल ऊपरी तौर पर संतुष्ट न होते हुए टैंकर की बहुत ही सघन और गहन तलाशी (Intensive Search) लेने का फैसला किया।
जब पुलिस ने टैंकर के भीतरी हिस्सों और उसकी बनावट की जांच की, तो वे भी दंग रह गए। टैंकर के अंदर बड़ी ही चालाकी से छुपाकर रखे गए कुल 9 प्लास्टिक के कट्टे बरामद हुए। जब इन कट्टों को खोलकर देखा गया, तो उनके अंदर अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा भरा हुआ था।
सभी कट्टों का वजन करने पर कुल **94 किलो 300 ग्राम अवैध डोडाचूरा** बरामद हुआ। बाजार में इस डोडाचूरा की अनुमानित कीमत करीब **1 लाख 88 हजार रुपए** बताई जा रही है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा करीब **12 लाख रुपए** की कीमत का सफेद रंग का पीकअप दूध टैंकर भी पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया।
डूंगरखेड़ी का आरोपी गिरफ्तार, साथी फरार
पुलिस ने मौके से ही वाहन चला रहे आरोपी **भारतसिंह पिता नारायण सिंह सौंधिया** (उम्र 32 वर्ष), निवासी डूंगरखेड़ी थाना शामगढ़ को हिरासत में ले लिया। जब पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने तस्करी के इस पूरे खेल से पर्दा उठा दिया।
आरोपी भारतसिंह ने पुलिस को बताया कि यह डोडाचूरा उसके साथी **संदीपसिंह पिता सरदारसिंह सौंधिया**, निवासी डूंगरखेड़ी द्वारा भरवाया गया था और इसे आगे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ सुवासरा थाने में अपराध क्रमांक 139/26, धारा 8/15 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मामले का मुख्य आरोपी संदीपसिंह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है और फरार बताया जा रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
‘पुष्पा स्टाइल’ की इस तस्करी ने उड़ाई पुलिस की नींद
इस पूरे मामले ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। फिल्म “पुष्पा” में जिस तरह से तस्करी के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजों (जैसे दूध, सब्जी या फल) के वाहनों का उपयोग कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के तरीके दिखाए गए थे, ठीक वैसा ही इस मामले में भी देखने को मिला।
दूध के टैंकर जैसे अति-आवश्यक सेवा वाले वाहनों को आमतौर पर पुलिस चौकियों या नाकों पर बहुत ज्यादा कड़ाई से चेक नहीं किया जाता है, क्योंकि वे रोजमर्रा की सप्लाई से जुड़े होते हैं। तस्करों ने इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश की थी। वे जानते थे कि सामान्य दिनों में पुलिस ऐसे वाहनों पर ज्यादा शक नहीं करती।
इस घटना के बाद अब पुलिस ने ऐसे सभी मालवाहक और आवश्यक सेवा वाले वाहनों की भी रैंडम चेकिंग (Random Checking) शुरू करने का फैसला किया है।
विस्तृत नेटवर्क और सप्लाई चैन की हो रही जांच
सुवासरा पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पकड़े गए आरोपी यह डोडाचूरा कहां से लाए थे और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार राजस्थान के कुछ बड़े नशा तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन रिकॉर्ड (CDR) और बैंक खातों की भी जांच कर रही है ताकि इस काले कारोबार में शामिल अन्य सफेदपोश चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
पुलिस टीम को मिल रही है क्षेत्रवासियों से सराहना
सुवासरा पुलिस द्वारा की गई इस बेहद सफल और शातिर तस्करी के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस टीम की जमकर सराहना हो रही है। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह बघेल, उपनिरीक्षक गेन्दालाल पलासिया, उपनिरीक्षक भारत कटारा और उनकी पूरी जांबाज टीम की बहुत महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही है।
पुलिस अधीक्षक ने भी टीम को इस सफलता पर बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही फरार मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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