मंदसौर की शहर कोतवाली पुलिस ने ₹50 लाख से अधिक कीमत की एमडी ड्रग्स और अफीम बरामदगी मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शनिवार (25 जुलाई 2026) को फरार चल रहे आरोपी जमील पिता जाकिर शाह (32) निवासी धारियाखेड़ी, हाल निवासी लालबाग (रामपुरा, ज) को गिरफ्तार कर लिया है।

इस गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल एनडीपीएस केस में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 8 हो गई है। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनकी तलाश लगातार जारी है।

रेलवे स्टेशन के पास हुई थी बड़ी कार्रवाई

यह पूरा मामला 7 मई 2026 का है, जब मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई करते हुए दावतखेड़ी निवासी इमरान उर्फ बंटी पठान को गिरफ्तार किया था तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹50 लाख से अधिक आंकी गई थी।

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पानी की मोटर में छिपाई थी ड्रग्स और अफीम

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पास रखी पानी की विद्युत मोटर पर संदेह हुआ। जब मोटर को खोलकर देखा गया तो उसके अंदर बेहद शातिर तरीके से एमडी ड्रग्स और अफीम छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने मौके से स्कूटी, मोबाइल फोन और विद्युत मोटर भी जब्त की थी। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18, 22 और 29 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

रिमांड में खुला तस्करी नेटवर्क का राज

मुख्य आरोपी इमरान उर्फ बंटी पठान से सात दिन की पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मादक पदार्थ तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी ने अपने कई साथियों के नाम बताए, जिसके आधार पर पुलिस ने क्रमशः महावीर चौहान, सादिक गढ़वी, सलमान, शाकिर उर्फ चेला, असलम हुसैन और परमानंद उर्फ बाबू सिंधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब इसी कड़ी में फरार चल रहे जमील शाह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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पहले भी NDPS केस में आरोपी रह चुका है जमील

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जमील शाह का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह पूर्व में इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में भी आरोपी रह चुका है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि एमडी ड्रग्स और अफीम की सप्लाई किन जिलों और राज्यों तक की जा रही थी।

नशे के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई

मंदसौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।

कैलाश विश्वकर्मा