गरोठ/मंदसौर: पृथ्वी के संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आज नगर परिषद गरोठ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदसौर जिले के गरोठ में आज **विश्व पर्यावरण दिवस गरोठ** (World Environment Day Garoth) के पावन अवसर पर बोलिया रोड स्थित अंजनी उद्यान में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ और कचरा-मुक्त बनाने के लिए ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

अंजनी उद्यान में जनप्रतिनिधियों ने किया वृक्षारोपण

आज 05 जून 2026 को प्रातः 9:00 बजे आयोजित हुए इस कार्यक्रम में नगर परिषद गरोठ के सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गरोठ नगर परिषद के अध्यक्ष श्री राजेश जी सेठिया, उपाध्यक्ष श्री महेश जी मालवीय और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्री गिरीश जी शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उद्यान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया।

गरोठ अंजनी उद्यान में वृक्षारोपण करते जनप्रतिनिधि

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चित्र: विश्व पर्यावरण दिवस गरोठ के अवसर पर अंजनी उद्यान में पौधारोपण करते हुए परिषद के सदस्य

इस अवसर पर परिषद के पार्षद एवं सभापति श्री सतीश जी गुजराती, श्री अर्जुन जी सोलंकी, श्री धर्मेंद्र जी शर्मा (पार्षद प्रतिनिधि) सहित निकाय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने और गरोठ को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। गरोठ में समय-समय पर विभिन्न लोक कल्याणकारी और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं, जैसे कि हाल ही में गरोठ स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा था, उसी तरह आज पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरा नगर परिषद अमला एक साथ एकजुट नजर आया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम: स्रोत स्तर पर 4 भागों में कचरा अलग करना अनिवार्य

पौधारोपण के साथ-साथ इस कार्यक्रम में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की गई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्री गिरीश जी शर्मा ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सही प्रबंधन भी उतना ही आवश्यक है।

नियमों के तहत अब गरोठ शहर में स्रोत स्तर (यानी घर पर ही) कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करना अनिवार्य कर दिया गया है:

  • गीला कचरा (हरा डस्टबिन): रसोई का कचरा, फलों-सब्जियों के छिलके और बचा हुआ भोजन।
  • सूखा कचरा (नीला डस्टबिन): कागज, प्लास्टिक, कांच, कार्डबोर्ड और धातु की वस्तुएं।
  • घरेलू खतरनाक कचरा (काला डस्टबिन): सैनिटरी वेस्ट, डायपर, पेंट के डिब्बे, पुरानी दवाइयां और बल्ब।
  • ई-कचरा (पीला डस्टबिन): खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, तार, मोबाइल बैटरी और चार्जर।

सीएमओ ने अपील की कि कचरे के इस वैज्ञानिक पृथक्करण से पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी और रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया आसान होगी। अधिक जानकारी के लिए नागरिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर सकते हैं।

पौधों को पानी देते हुए गरोठ नगर परिषद कर्मचारी

चित्र: नव-रोपित पौधों की देखभाल और सिंचाई करते हुए गरोठ नगर परिषद के अधिकारी

मौसम के बदलते मिजाज और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों के बीच यह अभियान बेहद जरूरी है। हाल ही में मंदसौर जिले में आए भीषण आंधी-तूफान के कारण हुए नुकसान ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना कितना आवश्यक है। वृक्षारोपण और कचरा प्रबंधन जैसी जमीनी गतिविधियां पर्यावरण को संतुलित रखने में दीर्घकालिक भूमिका निभाती हैं। वैश्विक स्तर पर पर्यावरण सुधार संबंधी नीतियों के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा भी निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

चलते-चलते: गरोठ को स्वच्छ व हरा-भरा बनाने का सामूहिक दायित्व

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गरोठ नगर परिषद की बोलिया रोड स्थित अंजनी उद्यान में की गई यह पहल स्वागत योग्य है। लेकिन हमें यह समझना होगा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल 5 जून को पेड़ लगाने या सरकारी निर्देशों तक सीमित नहीं होना चाहिए। पेड़ लगाने के बाद उसकी नियमित देखरेख और घर से निकलने वाले कचरे को 4 श्रेणियों में बांटना हर गरोठ वासी की आदत बनना चाहिए। गरोठ के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने राह दिखा दी है, अब बारी आम नागरिकों की है कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का जिम्मेदारी से पालन करें और गरोठ को मध्य प्रदेश का सबसे स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनाने में अपना योगदान दें।


कैलाश विश्वकर्मा

कैलाश विश्वकर्मा

मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)

कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं।

– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया

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