मंदसौर (News): मंदसौर जिले के गरोठ में स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी कई मांगों को लेकर यह कदम उठाया है, जिसके कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। नियमितीकरण सहित अपनी आठ सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग कर रहे इन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
काली पट्टी बांधकर कर रहे थे प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, कर्मचारी 25 जून से ही काली पट्टी बांधकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अमरवास बालाजी मंदिर परिसर में एकत्र होकर भगवान अमरवास बालाजी को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया।
मरीजों को हो रही है भारी परेशानी
अचानक गरोठ में स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल पर चले जाने के कारण अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ गई हैं और इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
ये कर्मचारी रहे हड़ताल में शामिल
ज्ञापन सौंपने और विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) भवानीशंकर, अंकित व्यास और पंकज चौधरी प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा अन्य उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों में मनोज शर्मा, जितेश जोशी, नमिता, रागिनी राजावत, शीतल हेड़ा, कृष्णा धाकड़, कमला बघेल, प्रीति, रामनिवास, जसराज, राहुल द्विवेदी, निशिकांत व्यास, प्रहलाद धाकड़, राधा और अंगुरबला शामिल थे।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता और सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। स्वास्थ्य कर्मियों की इस हड़ताल ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने की जरूरत है ताकि आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकें।
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