नई दिल्ली (New Delhi): दुनिया के चौथे सबसे बड़े और भारत की लाइफलाइन माने जाने वाले रेलवे नेटवर्क, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अपनी ब्रांड आइडेंटिटी में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने आधिकारिक रूप से भारतीय रेलवे के लोगो (Indian Railways Logo) को संशोधित कर दिया है। अब तक आपने रेलवे के लाल रंग के लोगो के बाहरी घेरे में 17 सफेद सितारे (Stars) देखे होंगे, लेकिन अब 1 जून 2026 से इस लोगो में 17 की जगह 18 सितारे दिखाई देंगे। इस बड़े बदलाव को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोनों के लिए एक आधिकारिक सर्कुलर (Official Circular) भी जारी कर दिया गया है।

लोगो में 18वां सितारा जुड़ने का असल मतलब क्या है?

भारतीय रेलवे के लोगो में मौजूद सितारे महज कोई डिजाइन नहीं हैं, बल्कि ये रेलवे के अलग-अलग ज़ोन (Zonal Railways) का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करते हैं। अब तक रेलवे में 17 ज़ोन कार्यरत थे, इसलिए लोगो में 17 सितारे हुआ करते थे। लेकिन अब भारतीय रेलवे ने एक नया ज़ोन बनाया है, जिसका नाम दक्षिण तट रेलवे (South Coast Railway – SCoR) रखा गया है।

इस नए 18वें रेलवे ज़ोन के निर्माण और इसके आधिकारिक तौर पर चालू होने के उपलक्ष्य में ही रेलवे के लोगो में यह 18वां सितारा (18th Star) जोड़ा गया है। दक्षिण तट रेलवे का मुख्यालय विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में स्थित है और यह आगामी 1 जून 2026 से पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।

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रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश (Official Letter Details)

रेलवे बोर्ड के जनसंपर्क उप निदेशक (Deputy Director/ Public Relations) संजय कुमार के हस्ताक्षर से 14 मई 2026 को एक आधिकारिक लेटर (Letter No. 2025/PR/11/1) जारी किया गया है। इस लेटर में स्पष्ट रूप से सभी महाप्रबंधकों (General Managers), सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों (Production Units), पीएसयू (PSUs) और सभी रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों को इस नए लोगो को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

Railway Board Official Circular

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर की प्रति।

1 जून 2026 से पूरी तरह लागू होगा नया लोगो

रेलवे द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, “दक्षिण तट रेलवे (SCoR) के 18वें जोनल रेलवे के रूप में निर्माण के परिणामस्वरूप लाल रंग में 18 सितारों वाले संशोधित भारतीय रेलवे लोगो को सीआरबी और सीईओ (CRB & CEO) द्वारा आधिकारिक उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है।”

ईएंडआर निदेशालय (E&R Directorate) द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना संख्या 2024/E&R/1(1)/3 के अनुसार नया ज़ोन 1 जून 2026 से काम करना शुरू कर देगा। इसलिए, रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित विभागों को सलाह दी है कि वे 1 जून 2026 से ही लाल रंग में 18 सितारों वाले इस नए लोगो को अपनाना सुनिश्चित करें। इसके लिए अधिकारियों को लोगो की हाई-रिज़ॉल्यूशन कॉपी डाउनलोड करने के लिए एक विशेष गूगल ड्राइव लिंक भी उपलब्ध कराया गया है।

कहां-कहां होगा इस नए 18 सितारों वाले लोगो का इस्तेमाल?

रेलवे की नई पहचान बन चुके इस 18 सितारों वाले लोगो का उपयोग अब रेलवे के हर छोटे-बड़े प्लेटफॉर्म और कागजात पर किया जाएगा। आधिकारिक लेटर के मुताबिक, नए लोगो का उपयोग निम्नलिखित जगहों पर किया जाना है:

  • सभी आधिकारिक संचार और पत्राचार (Official Communications)
  • स्टेशनरी (Stationery) और लेटरहेड
  • रेलवे के सभी प्रकाशन (Publications)
  • रेलवे स्टेशनों और कार्यालयों के साइनबोर्ड (Signboards)
  • सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म (वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, ऐप्स, IRCTC)
  • प्रचार सामग्री (Publicity Material) और विज्ञापन

आसान शब्दों में कहें तो जहां भी वर्तमान में पुराने 17 सितारों वाले रेलवे लोगो का उपयोग किया जा रहा है, उन सभी स्थानों पर अब 18 सितारों वाले नए लोगो को तुरंत प्रभाव से प्रतिस्थापित किया जाएगा।

भारतीय रेलवे का विस्तार और आधुनिकीकरण

यह बदलाव महज एक सितारे का नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेलवे के लगातार हो रहे विस्तार और आधुनिकीकरण (Modernization) का प्रतीक है। नए जोनों के बनने से न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आती है, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में रेलवे का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) भी मजबूत होता है। दक्षिण तट रेलवे (South Coast Railway) के बनने से दक्षिण भारत, विशेषकर आंध्र प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्रों में यात्री सुविधाओं और माल ढुलाई (Freight Transport) के नेटवर्क में क्रांतिकारी सुधार होने की प्रबल उम्मीद है।

इस फैसले को रेलवे के विकास की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। देश के करोड़ों यात्री जो रोज ट्रेनों में सफर करते हैं, उन्हें अब ट्रेनों के डिब्बों, रिजर्वेशन टिकटों और रेलवे स्टेशनों पर यह नया और चमकता हुआ 18वां सितारा जल्द ही नजर आने लगेगा।

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कैलाश विश्वकर्मा