मंदसौर में निजी बस की मनमानी: बीच रास्ते यात्रियों को उतारकर बारात में गई बस, यात्रियों ने जताया आक्रोश

मंदसौर में निजी बस की मनमानी: बीच रास्ते यात्रियों को उतारकर बारात में गई बस, यात्रियों ने जताया आक्रोश

मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में निजी यात्री बस संचालकों की मनमानी और लापरवाही का एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सीतामऊ से मंदसौर आ रही ‘नागदा ट्रेवल्स’ की एक बस ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बीच रास्ते में ही उतार दिया। यात्रियों का आरोप है कि बस स्टाफ ने उन्हें यह कहकर उतार दिया कि बस अब आगे नहीं जाएगी क्योंकि उसे एक बारात (शादी समारोह) में ले जाना है।

अरनिया निजामुद्दीन के पास उतारा, यात्रियों में रोष

घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:40 बजे की बताई जा रही है। नागदा ट्रेवल्स की बस सीतामऊ से मंदसौर की ओर जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही बस अरनिया निजामुद्दीन गांव के पास पहुंची, बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने अचानक बस रोक दी और सभी यात्रियों को नीचे उतरने को कह दिया।

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जब यात्रियों ने इसका कारण पूछा, तो बस स्टाफ ने साफ कह दिया कि बस की बुकिंग एक बारात के लिए हो चुकी है और उन्हें समय पर वहां पहुंचना है। इसलिए वे बस को आगे मंदसौर तक नहीं ले जा सकते। इस अचानक आए फरमान से यात्रियों के होश उड़ गए। भीषण गर्मी में बीच सड़क पर उतरने को मजबूर हुए यात्रियों ने जब विरोध किया, तो बस स्टाफ ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

यात्रियों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल

बस स्टाफ के इस अड़ियल और संवेदनहीन रवैये से नाराज कुछ यात्रियों ने मौके पर ही मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में यात्री अपना गुस्सा जाहिर करते हुए और बस स्टाफ की मनमानी की शिकायत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्होंने पूरा किराया दिया था, फिर भी उनके साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार किया गया।



यात्रियों द्वारा बनाया गया वीडियो देखें

यात्रियों ने बताया कि उन्हें मंदसौर पहुंचने में काफी देरी हो गई और उन्हें अन्य वाहनों का इंतजार करना पड़ा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुए।

परिवहन विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर मंदसौर जिले के परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी बस संचालक चांदी कूटने के चक्कर में नियमों को ताक पर रख देते हैं। परमिट शर्तों का उल्लंघन करना, क्षमता से अधिक सवारी बैठाना और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करना यहां आम बात हो गई है।

यात्रियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ‘नागदा ट्रेवल्स’ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, उसका परमिट निरस्त किया जाए और यात्रियों को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य बस संचालक ऐसी जुर्रत न कर सके।


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