Weather Update Today (मौसम की जानकारी): भारत का मौसम इस वक्त पूरी तरह से दो अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत के लोग प्रचंड गर्मी (Severe Heatwave) और लू के थपेड़ों से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्यों में बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने तबाही मचा रखी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में देश के कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही एक बड़ी और राहत देने वाली खबर मानसून (Monsoon 2026) के आगमन को लेकर भी आई है।

आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और यूपी के मौसम का क्या हाल है और बहुप्रतीक्षित मानसून इस बार कितनी जल्दी देश में दस्तक देने वाला है।

राहत की खबर: 5 दिन पहले आ रहा है मानसून (Early Monsoon in India)

भीषण गर्मी के बीच IMD ने एक बहुत बड़ी राहत की खबर दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) इस साल अपने निर्धारित समय से 5 दिन पहले ही भारत में दस्तक देने वाला है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल के तट से टकराता है, लेकिन इस बार इसके 26 मई को ही केरल पहुंचने की पूरी संभावना है।

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अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2024 में मानसून 30 मई को और साल 2025 में 24 मई को केरल पहुंचा था। इस बार भी मानसून की जल्दी आमद से उम्मीद जताई जा रही है कि देश के किसानों और भीषण गर्मी से झुलस रहे आम नागरिकों को जल्द ही राहत मिलेगी।

Early Monsoon Arrival in Kerala

MP, राजस्थान और महाराष्ट्र में ‘लू’ का कहर (Heatwave Alert)

एक ओर मानसून के जल्दी आने की खबर है, तो दूसरी ओर मध्य और पश्चिमी भारत सूरज की तपिश से झुलस रहा है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), राजस्थान (Rajasthan), और महाराष्ट्र (Maharashtra) के कई जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट (Red Alert) जारी कर दिया है।

1. महाराष्ट्र (अकोला बना सबसे गर्म शहर)

महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में गर्मी ने अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य के 4 प्रमुख शहरों में तापमान 45°C के पार जा चुका है। अकोला (Akola) इस समय देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 45.9°C दर्ज किया गया है। इसके अलावा जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी सूरज आग उगल रहा है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।

2. राजस्थान (फलोदी तप रहा भट्टी की तरह)

रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में गर्मी का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। राज्य का फलोदी (Phalodi) शहर भट्टी की तरह तप रहा है और यहां का तापमान प्रदेश में सबसे अधिक बना हुआ है। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और चुरू जैसे शहरों में लू (Loo) के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

3. मध्य प्रदेश (MP Weather Update)

मध्य प्रदेश में भी भीषण गर्मी का दौर जारी है। राज्य के ग्वालियर, चंबल, मालवा और निमाड़ अंचल में हीटवेव चल रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ नजर आ रहा है और लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों और एसी-कूलर का सहारा ले रहे हैं।

UP और बिहार में आंधी-तूफान की तबाही (Rain & Thunderstorm in UP)

जहां देश का एक हिस्सा भयंकर गर्मी से जूझ रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) में मौसम का एक अलग ही खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है। यूपी में पिछले कुछ दिनों से बेमौसम बारिश और विनाशकारी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है।

Severe Thunderstorm and Rain Alert in UP

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बारिश, बिजली गिरने और तूफान से जुड़ी घटनाओं में अब तक 111 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। राज्य के कई हिस्सों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे (80 kmph) तक पहुंच गई, जिससे कई पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। यूपी के बांदा (Banda) जिले की बात करें तो यह जिला भीषण गर्मी और तापमान के मामले में राज्य के सबसे गर्म शहरों में शामिल है, लेकिन बाकी हिस्सों में तूफान का अलर्ट है।

डॉक्टरों और प्रशासन की सलाह (Health Advisory)

इस बदलते और खतरनाक मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने आम जनता के लिए कुछ खास दिशा-निर्देश (Advisory) जारी किए हैं:

  • हाइड्रेटेड रहें: गर्मी वाले इलाकों में लोग लगातार पानी, छाछ, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) का सेवन करते रहें।
  • धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बिना किसी अति आवश्यक काम के घरों से बाहर न निकलें। सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • सुरक्षित स्थानों पर रहें: आंधी-तूफान वाले इलाकों (जैसे यूपी) में लोग बिजली कड़कने के दौरान पेड़ के नीचे या खुली जगह पर बिल्कुल न खड़े हों। सुरक्षित और पक्के मकानों में ही आश्रय लें।

मौसम की इस मार के बीच, अब पूरे देश की निगाहें सिर्फ और सिर्फ मानसून पर टिकी हैं। मानसून के 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन तब तक लोगों को इस दोहरे मौसम—लू और तूफान—का सावधानी से सामना करना होगा।

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कैलाश विश्वकर्मा