पुरी (Puri): ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा (Jagannath Rath Yatra 2026) के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ (Stampede) जैसी स्थिति मच गई, जिसमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई है, जबकि 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
क्या हुआ और कैसे मची भगदड़?
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5 बजे ‘पहांडी’ रस्म के दौरान जब भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजमान किया जा रहा था, तब दर्शन के लिए श्रद्धालु अचानक रथों के करीब जाने लगे। यात्रा रूट पर मौजूद वॉलेंटियर्स लोगों को पीछे हटा रहे थे, लेकिन भीड़ के भारी दबाव और एक-दूसरे को धक्का देने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और सफोकेशन (दम घुटने) के कारण यह हादसा हुआ।
घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ओडिशा फायर सर्विस और स्पेशल रेस्क्यू यूनिट की टीमें मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है।
बारिश के बावजूद उमड़े 10 लाख श्रद्धालु
पुरी में इस समय तेज बारिश हो रही है, लेकिन इसके बावजूद 10 लाख से ज्यादा लोग यात्रा रूट पर मौजूद हैं। यात्रा मुख्य मंदिर से 3 किलोमीटर दूर बने गुंडीचा मंदिर तक जाएगी। बारिश का पानी निकालने के लिए ओडिशा फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने 58 शक्तिशाली पंप लगाए हैं। जिले में 60 जगहों पर पानी निकालने का काम लगातार चल रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुरी में सुरक्षा के कई लेयर वाले इंतजाम किए गए हैं। इस उत्सव के लिए 19 IPS अधिकारियों के साथ लगभग 13,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अहम जगहों पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 15 कंपनियों को भी तैनात किया गया है, जिनमें CRPF, BSF, RAF और नेशनल सिक्योरिटी फोर्स शामिल हैं। कुल 473 AI-पावर्ड CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं, जो ड्रोन-जैमिंग सिस्टम से जुड़े हैं।
अन्य मुख्य अपडेट्स:
- रथयात्रा में तीनों रथ एक क्रम से निकलते हैं। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ चलता है। इसके बाद बहन सुभद्रा का दर्पदलन रथ निकलता है और सबसे आखिर में भगवान जगन्नाथ अपने नंदीघोष रथ पर सवार होते हैं।
- देशभर से श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं।
- रथयात्रा के बीच जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 19 जुलाई को एक दिन के लिए खोला जाएगा, जब भगवान जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर में होंगे।
- राजस्थान के उदयपुर और गुजरात के अहमदाबाद में भी कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है।
घटनास्थल की ताज़ा तस्वीरें
महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links):
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- अधिक जानकारी (External Reference): पुरी जगन्नाथ मंदिर का इतिहास और महत्व (Wikipedia)
(यह एक ब्रेकिंग न्यूज़ है। घटना से जुड़ी और अधिक जानकारी मिलने पर इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।)


