मंदसौर (Mandsaur): आम जनता की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत निराकरण करने के उद्देश्य से मंदसौर पुलिस (Mandsaur Police) द्वारा एक बेहद संवेदनशील और प्रभावी पहल की गई है। मंदसौर जिला पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर में पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार मीणा (IPS) ने स्वयं उपस्थित होकर 73 से अधिक आवेदकों की समस्याओं और शिकायतों को आमने-सामने सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल आवेदकों की पीड़ा को समझा, बल्कि मौके पर ही कई मामलों का त्वरित निराकरण करते हुए संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों को तत्काल विधिसंगत कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए।

मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुरूप पुलिस प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए यह पहल की गई है। अक्सर थानों और चौकियों के चक्कर काटकर परेशान होने वाले गरीब और जरूरतमंद आवेदकों के लिए जिला पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित यह जनसुनवाई एक वरदान साबित हुई। स्वयं एसपी द्वारा शिकायतें सुने जाने से आवेदकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है। इस जनसुनवाई शिविर में मंदसौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी पारिवारिक, वित्तीय, जमीनी और आपराधिक मामलों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं।

मंदसौर पुलिस जनसुनवाई के दौरान आवेदकों से चर्चा करते हुए एसपी विनोद कुमार मीणा

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विवरण: जनसुनवाई शिविर में आवेदकों की समस्याएं सुनते और फाइलों का अवलोकन करते एसपी विनोद कुमार मीणा।

जनसुनवाई शिविर का आयोजन और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

दिनांक 9 जून 2026 को जिला पुलिस कंट्रोल रूम मंदसौर में आयोजित इस जनसुनवाई शिविर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पूरी टीम मौजूद रही। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) तेरसिंह बघेल, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) जितेन्द्रसिंह भास्कर, एसडीओपी सीतामऊ अनुभाग दिनेश प्रजापति, थाना प्रभारी कोतवाली पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, थाना प्रभारी यशोधर्मन नगर शिवांशु मालवीय तथा थाना प्रभारी नई आबादी कुलदीप सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अलग-अलग अनुभागों से आए आवेदकों के आवेदनों की समीक्षा की। अधिकारियों की इस व्यापक उपस्थिति का मुख्य उद्देश्य यह था कि शिकायत दर्ज होते ही संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी को सीधे निर्देशित किया जा सके ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। मंदसौर पुलिस का यह सामूहिक प्रयास जिला स्तर पर कानून और व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मंदसौर पुलिस जनसुनवाई में आवेदनों की समीक्षा करते एएसपी टी एस बघेल और एसडीओपी

विवरण: जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों पर विमर्श करते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी।

73 आवेदकों की समस्याओं का आमने-सामने हुआ त्वरित निराकरण

आज की जनसुनवाई में कुल 73 आवेदकों ने अपनी शिकायतें एसपी विनोद कुमार मीणा के समक्ष प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई में आए आवेदनों में घरेलू विवाद, आपसी मारपीट, धोखाधड़ी, ऑनलाइन साइबर क्राइम, भूमि संबंधी विवाद और स्थानीय स्तर पर होने वाली परेशानियां मुख्य रूप से शामिल थीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक आवेदक को धैर्यपूर्वक सुना और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहनता से जांच की।

कई संवेदनशील मामलों में एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को फोन पर निर्देश दिए। पारिवारिक विवादों के मामलों में पुलिस की परिवार परामर्श टीम को सक्रिय कर आपसी सुलह के प्रयास करने को कहा गया, वहीं धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में सीधे साइबर सेल को तकनीकी जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए। मौके पर ही समस्याओं का समाधान पाकर कई आवेदकों के चेहरों पर संतोष की लहर देखी गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य समाज के अंतिम व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता करना है।

मंदसौर पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जनसुनवाई का संपूर्ण दृश्य

विवरण: जिला पुलिस कंट्रोल रूम मंदसौर में जनसुनवाई के दौरान उमड़ी आवेदकों की भीड़ और मुस्तैद पुलिस बल।

थाना और चौकी प्रभारियों को एसपी के कड़े निर्देश

जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा ने जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को ठंडे बस्ते में न डाला जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों पर त्वरित और विधिसंगत कार्रवाई करना सभी थाना प्रभारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या लेती-देती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसपी ने आदेशित किया कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए ताकि वह स्वयं इसकी निगरानी कर सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उसकी शिकायत को गंभीरता से लेकर तुरंत एफआईआर (FIR) या आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने पर जोर दिया।

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महत्वपूर्ण बाहरी कड़ियाँ (External Resources)

नागरिकों की सुविधा और पुलिस सेवाओं से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित आधिकारिक पोर्टलों पर विजिट किया जा सकता है:

  • मध्य प्रदेश पुलिस का आधिकारिक डिजिटल पोर्टल: MP Police Official Portal
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) शिकायत पंजीकरण पोर्टल: CM Helpline MP Portal
  • मंदसौर जिला प्रशासन का आधिकारिक सरकारी पोर्टल: Mandsaur District Government Portal

चलते-चलते: पुलिस और जनता के बीच बढ़ता भरोसा

लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस की छवि केवल भय उत्पन्न करने वाली नहीं, बल्कि समाज रक्षक की होनी चाहिए। मंदसौर के जिला पुलिस कंट्रोल रूम में नियमित रूप से आयोजित होने वाली यह जनसुनवाई इसी दिशा में एक मील का पत्थर है। जब स्वयं जिले का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी (SP) आम जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनता है, तो बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर अपने आप लगाम लग जाती है।

विनोद कुमार मीणा (IPS) के नेतृत्व में मंदसौर पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान (जैसे नाहरगढ़ और नई आबादी में नशा विरोधी कार्रवाइयां) चलाने के साथ-साथ पुलिसिंग को मानवीय और संवेदनशील बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। जनसुनवाई में 73 मामलों का त्वरित और विधिसंगत निराकरण इसी मानवीय और मुस्तैद दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। यह पहल निश्चित रूप से अपराधियों के मन में डर और आम जनता के मन में सुरक्षा और न्याय का विश्वास बढ़ाने में सफल साबित होगी।


कैलाश विश्वकर्मा

कैलाश विश्वकर्मा

मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)

कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से शिक्षा, कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और स्थानीय शासन से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं.

– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया

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