मंदसौर (Mandsaur Police Action): किसी सस्पेंस और एक्शन से भरपूर बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म का सीन सोचिए! रात का सन्नाटा, मुखबिर की एक सटीक सूचना, और अचानक सायरन बजाती पुलिस की गाड़ियां चारों तरफ से एक गिरोह को घेर लेती हैं। जी हां, मंदसौर पुलिस ने कुछ इसी फिल्मी अंदाज़ में एक बड़े अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए 20 किलो ब्राउन शुगर (स्मैक) ज़ब्त की है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में आंकी जा रही है।
मुखबिर की भनक और पुलिस की बिछाई बिसात
पुलिस मुख्यालय द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मंदसौर पुलिस हाई अलर्ट पर थी। 31 मई 2026 की उस शाम थाना नई आबादी पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से ऐसी टिप मिली, जिसने पूरी पुलिस फोर्स को एक्शन में ला दिया। पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना (भा.पु.से.) के निर्देश पर तुरंत एक स्पेशल टास्क टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री तेरसिंह बघेल और सीएसपी श्री जितेन्द्रसिंह भास्कर के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने इस खुफिया ऑपरेशन को अंजाम देने की योजना बनाई।
थाना प्रभारी नई आबादी, उपनिरीक्षक कुलदीपसिंह राठौर के नेतृत्व में टीम ने रणनीतिक रूप से ऐसी अचूक घेराबंदी की, कि तस्करों को भनक तक नहीं लगी और वे सीधे पुलिस के जाल में आ फंसे।
करोड़ों की स्मैक, लग्ज़री कारें और हाई-टेक तस्कर
जब पुलिस ने संदिग्ध वाहनों को रोका और तलाशी ली, तो अंदर का नज़ारा देखकर सब हैरान रह गए। लग्ज़री गाड़ियों की आड़ में मौत का सामान ढोया जा रहा था। तस्करों के पास से कुल 20 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ (ब्राउन शुगर) बरामद हुई। इसके साथ ही, ड्रग्स सिंडिकेट और तस्करी में पायलटिंग के लिए इस्तेमाल हो रही सुजुकी एस-क्रॉस और हुंडई क्रेटा (कीमत लगभग 33 लाख रुपये) भी पुलिस ने ज़ब्त कर ली हैं।
तस्करों के नेटवर्क की गहराई नापने के लिए पुलिस ने 7 मोबाइल फोन (कीमत 2.5 लाख रुपये) भी बरामद किए हैं, जिनकी अब तकनीकी और साइबर सेल द्वारा गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी: राजस्थान से इंदौर तक फैले तार
पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय सिंडिकेट के 5 कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार राजस्थान से लेकर इंदौर तक जुड़े हुए हैं। पकड़े गए आरोपी हैं:
- हेमंत वर्मा (50) – निवासी सृष्टि परिसर, भानगढ़ रोड, इंदौर।
- मोना सेन (48) – निवासी नंदा नगर, पाटनीपुरा, इंदौर।
- राहुल मीणा (36) – निवासी माली खेड़ा, प्रतापगढ़ (राजस्थान)।
- सुभाष उर्फ पिंटू गुर्जर (46) – निवासी 4/45 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, प्रतापगढ़ (राजस्थान)।
- जितेंद्र उर्फ कारू मीणा (35) – निवासी माली का खेड़ा, प्रतापगढ़ (राजस्थान)।
इन सभी के खिलाफ थाना नई आबादी पर अपराध क्रमांक 89/26, धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
सिंडिकेट का असली सरगना कौन?
प्रारंभिक पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था और बड़े पैमाने पर ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। लेकिन पिक्चर अभी बाकी है! पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है, सप्लायर नेटवर्क कहां तक फैला है, और इस काले कारोबार के पीछे वित्तीय लेनदेन (हवाला) का क्या खेल चल रहा है। जल्द ही इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
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