इंदौर/जैसलमेर | यशस्वी दुनिया: राजस्थान के जैसलमेर में सरहद पर तैनात मध्य प्रदेश के इंदौर के लाल 31 वर्षीय मेजर हमज़ा आरिफ (Major Hamza Arif) एक सड़क हादसे में देश के लिए शहीद हो गए। गुरुवार देर रात सैन्य वाहन से गश्त के दौरान सड़क पर अचानक आए ऊंट से टकराकर सेना की एसयूवी (SUV) बेकाबू होकर पलट गई, जिसमें गंभीर रूप से घायल होने के बाद मेजर हमज़ा ने दम तोड़ दिया।

इस दुखद घटना से पूरे इंदौर शहर और सैन्य महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। सबसे हृदयविदारक बात यह है कि मेजर हमज़ा आरिफ की शादी को अभी महज एक महीना ही हुआ था। खुशी का माहौल अभी घर से निकला भी नहीं था कि इस दर्दनाक खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सैन्य सम्मान के साथ इंदौर में होगा अंतिम संस्कार

भारतीय सेना (Indian Army) के अधिकारियों ने बताया कि मेजर हमज़ा आरिफ का पार्थिव शरीर जैसलमेर से विशेष विमान द्वारा इंदौर लाया जा रहा है। गृह नगर इंदौर पहुँचने के बाद पूर्ण सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ वीर सपूत का अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन व सेना के वरिष्ठ अधिकारी सलामी देने के लिए मुस्तैद हैं।

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रेगिस्तानी सड़क पर रात में हुआ दर्दनाक हादसा

जैसलमेर के सीमावर्ती इलाके में रात के समय सैन्य दल नियमित गश्त पर था। इसी दौरान अंधरे में अचानक एक बेसहारा ऊंट सड़क के बीचोबीच आ गया। वाहन चालक ने गाड़ी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति और अचानक ब्रेक लगने से सेना की एसयूवी असंतुलित होकर पलट गई। हादसे में मेजर हमज़ा को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुँचाने से पहले ही उन्होंने देश सेवा में अपनी अंतिम सांस ली।

इंदौर जिला प्रशासन (Indore Administration) और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने वीर सपूत मेजर हमज़ा आरिफ की शहादत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।

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कैलाश विश्वकर्मा