मंदसौर (Mandsaur News): मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ (Nasha Mukti Abhiyan) के तहत मंदसौर पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने वाले तस्करों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए, मंदसौर जिले की नाहरगढ़ थाना पुलिस ने गुरुवार (14 मई 2026) को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने नाकाबंदी कर एक सफेद रंग की हुंडई कार से 1 किलोग्राम अवैध ‘एमडी’ (MD Drugs) मादक पदार्थ जब्त किया है। पकड़ी गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने इंदौर के रहने वाले तीन कुख्यात तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का सटीक मार्गदर्शन

मध्य प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में नशे के कारोबार को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जाए। इन्हीं आदेशों के परिपालन में मंदसौर पुलिस अधीक्षक (SP Mandsaur) श्री विनोद मीणा के कुशल नेतृत्व में पूरे जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री टी.एस. बघेल और एसडीओपी (SDOP) श्री कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में नाहरगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी ने अपनी एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसे आज यह बड़ी सफलता मिली है।

मुखबिर तंत्र की अचूक सूचना और पुलिस का एक्शन

पुलिस से प्राप्त आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, नाहरगढ़ थाने पर पदस्थ कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रशीद पठान को उनके विश्वसनीय मुखबिर से एक बेहद पुख्ता सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि मंदसौर की तरफ से एक सफेद रंग की हुंडई कार (जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP 09 BH 0822 है), भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ ‘एमडी’ लेकर डीगांव और कचनारा होते हुए सुवासरा से फोरलेन के रास्ते इंदौर की तरफ जाने वाली है।

Advertisement

मुखबिर की सूचना इतनी सटीक थी कि पुलिस ने एक पल की भी देरी नहीं की। थाना प्रभारी वरुण तिवारी के नेतृत्व में तत्काल एक कुशल टीम गठित की गई और डीगांव-कचनारा रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने सघन नाकाबंदी (Police Checkpoint) कर दी गई।

ऐसे बिछाया जाल और जाल में फंसे तस्कर

हनुमान मंदिर के पास मुस्तैद पुलिस टीम हर आने-जाने वाले वाहन पर पैनी नजर रख रही थी। कुछ ही देर बाद डीगांव की तरफ से वही सफेद रंग की हुंडई कार आती हुई दिखाई दी, जिसका जिक्र मुखबिर ने किया था। पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए कार को रोका और उसकी घेराबंदी कर ली। कार में सवार तीनों युवकों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और कार की सघन तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए।

कार के अंदर से एक पैकेट बरामद हुआ, जिसमें 1 किलोग्राम अवैध ‘एमडी’ (MD – Mephedrone) ड्रग्स छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने तुरंत मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर लिया और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

30 लाख रुपये का मशरूका जब्त, ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 30 लाख रुपये का माल जब्त किया है। इसमें 1 किलो ग्राम एमडी ड्रग्स शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 20,00,000/- (बीस लाख रुपये) है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त 10,00,000/- (दस लाख रुपये) कीमत की सफेद रंग की हुंडई कार भी जब्त की गई है। पकड़े गए तीनों आरोपी मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रहने वाले हैं। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. शोभित कांटे (पिता प्रमोद), निवासी: गंगवाल बस स्टैंड के पास छत्रीपुरा, इंदौर।
  2. विश्वास राठौर (पिता अशोक), निवासी: गंगवाल बस स्टैंड के पास छत्रीपुरा, इंदौर।
  3. दिपेन्द्र चौहान (पिता शैलेन्द्र), निवासी: नेहरु नगर, राऊ, इंदौर।

एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज

जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थ की पुष्टि होने के बाद, नाहरगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों का पालन करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 178/26 के तहत धारा 8/15, 22 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब इन आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह करोड़ों की ड्रग्स मंदसौर में किससे खरीद कर लाए थे और इंदौर में इसे किन युवाओं तक सप्लाई करने वाले थे।

युवाओं को खोखला कर रहा है सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार

गौरतलब है कि अफीम और डोडा चूरा की तस्करी के लिए कुख्यात रहे मंदसौर और नीमच जिले अब ‘एमडी’ जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स (Synthetic Drugs) के भी गढ़ बनते जा रहे हैं। एमडी यानी ‘मेफेड्रोन’ एक बेहद खतरनाक केमिकल ड्रग है, जिसकी लत युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह खोखला कर देती है। मंदसौर पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित तौर पर इस ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ने में एक अहम भूमिका निभाएगी। एसपी विनोद मीणा ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मंदसौर पुलिस की इस साहसिक और सफल कार्रवाई से जुड़ी हर नई अपडेट के लिए और अपराध जगत की पल-पल की खबरों के लिए ‘यशस्वी दुनिया’ के साथ जुड़े रहें।

कैलाश विश्वकर्मा