सीतामऊ (मंदसौर): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ अनुभाग के अंतर्गत आने वाले ग्राम कयामपुर में सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सीतामऊ अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कयामपुर में शासकीय भूमि पर खड़े एक हरे इमली के पेड़ को बिना अनुमति के उखाड़ने/काटने पर एक व्यक्ति पर ₹50,000 (पचास हजार रुपये) का भारी अर्थदण्ड लगाया गया है। सीतामऊ एसडीएम (Sitamau SDM) श्रीमती शिवानी गर्ग द्वारा जारी इस आदेश के तहत आरोपी कय्यूम कुरैशी के खिलाफ मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (संशोधित अधिनियम 2018) की सुसंगत धाराओं के तहत जुर्माना वसूलने और जब्त लकड़ी की नीलामी करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह महत्वपूर्ण कार्रवाई सीतामऊ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से पेड़ काटने की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक संदेश है। सीतामऊ और कयामपुर क्षेत्र में सरकारी भूमि से पेड़ों की कटाई और अवैध कब्जों को लेकर प्रशासनिक अमला लगातार मुस्तैद बना हुआ है, जैसा कि हाल ही में प्रशासनिक स्तर पर लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सीतामऊ में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था जहां स्वयं एसडीएम द्वारा जनसमस्याओं को सुना गया था। अब एसडीएम शिवानी गर्ग (SDM Shivani Garg) द्वारा कयामपुर में पर्यावरण कानून का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध यह सख्त कदम उठाया गया है।

जेसीबी से सरकारी भूमि पर खड़ा इमली का हरा पेड़ गिराया

प्रशासन से प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम कयामपुर में शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 458 पर एक इमली का बड़ा और हरा-भरा वृक्ष लगा हुआ था। कयामपुर निवासी कय्यूम कुरैशी पिता अय्यूब कुरैशी ने निजी स्वार्थ के चलते और बिना किसी सक्षम प्रशासनिक अनुमति के, एक जेसीबी (JCB) मशीन लगाकर इस हरे-भरे इमली के पेड़ को जड़ से उखाड़कर नीचे गिरा दिया।

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शासकीय भूमि से पेड़ काटे जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय राजस्व अमला (पटवारी और राजस्व निरीक्षक) तुरंत हरकत में आया। राजस्व टीम ने कयामपुर में मौका मुआयना किया और पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी। शासकीय भूमि से अवैध रूप से वृक्ष काटने की पुष्टि होने पर मामले का प्रकरण दर्ज कर सीतामऊ एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।

भू-राजस्व संहिता की धारा 241 के तहत ₹50,000 का अर्थदण्ड

सीतामऊ एसडीएम श्रीमती शिवानी गर्ग की कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी कय्यूम कुरैशी को सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और अवैध वृक्ष कटाई का दोषी पाया। कोर्ट ने मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 एवं संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 241 (Section 241 of MP Land Revenue Code) के तहत आरोपी पर ₹50,000/- (पचास हजार रुपये) का अर्थदण्ड लगाया।

एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जुर्मानें की यह राशि शासकीय कोष में जमा कराई जाएगी और यदि आरोपी द्वारा निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह उससे वसूली की जाएगी। इसके साथ ही एसडीएम ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जेसीबी से गिराई गई और जब्त की गई इमली की लकड़ी की नियमानुसार खुली नीलामी (Auction) कराई जाए और प्राप्त राशि को भी सरकारी खाते में जमा किया जाए। शासकीय संपत्तियों के संरक्षण हेतु मंदसौर जिले में वन विभाग और राजस्व प्रशासन बेहद गंभीर है, और हाल ही में जिले में भ्रष्टाचार और अवैध कार्यों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग के बाबू को लोकायुक्त द्वारा ट्रैप किया गया था, जो प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाता है।

पर्यावरण संरक्षण और शासकीय भूमि के महत्व पर जोर

सरकारी जमीन (शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 458) पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के पेड़ काटना एक गंभीर दण्डनीय अपराध है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 241 के तहत सरकार को यह अधिकार है कि वह बिना अनुमति के पेड़ काटने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सके। इस संबंध में एसडीएम शिवानी गर्ग ने कहा कि शासकीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और पर्यावरण को हानि पहुंचाना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के पेड़ काटते या सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर युवाओं के रोजगार और कल्याण के लिए भी सीतामऊ में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे कि हाल ही में सीतामऊ में रोजगार मेला आयोजित कर स्थानीय युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अवसर प्रदान किए गए थे।

चलते-चलते: वृक्षों की अवैध कटाई पर प्रशासनिक नकेल

ग्लोबल वॉर्मिंग और लगातार गिरते भूजल स्तर के इस दौर में पेड़ों की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है। शासकीय जमीनों पर खड़े हरे-भरे पेड़ सार्वजनिक संपत्ति होते हैं जो पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करते हैं। कयामपुर में कय्यूम कुरैशी द्वारा जेसीबी लगाकर हरे इमली के पेड़ को गिराने जैसी घटनाएं पर्यावरण के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती हैं। सीतामऊ एसडीएम शिवानी गर्ग द्वारा लगाया गया ₹50,000 का यह भारी जुर्माना अन्य लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो निजी स्वार्थ के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि आमजन भी जागरूक हों और अपने आसपास हो रहे इस प्रकार के अवैध कृत्यों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें ताकि हरी-भरी प्रकृति और शासकीय भूमि को सुरक्षित रखा जा सके।


कैलाश विश्वकर्मा

कैलाश विश्वकर्मा

मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)

कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से शिक्षा, कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और स्थानीय शासन से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं।

– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया

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