कोटा: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 (World Environment Day 2026) के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष के अभियान की थीम “जलवायु परिवर्तन — धरती माँ की चुनौतियाँ” के अनुरूप, मंडल ने वर्ष 2023 से 2026 के मध्य अपने विभिन्न भवनों एवं परिसरों पर कुल 4.54 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं।
प्रतिवर्ष 64 लाख यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन और ₹5 करोड़ की बचत
सौर ऊर्जा संयंत्रों की इस शानदार पहल से कोटा मंडल अब प्रतिवर्ष 64 लाख यूनिट स्वच्छ विद्युत (Clean Energy) का उत्पादन कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, रेलवे को प्रतिवर्ष बिजली की लागत में ₹5 करोड़ की भारी बचत प्राप्त हो रही है। यह कदम न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी एक मील का पत्थर है।
विद्युत लोड बढ़ने के बावजूद बिल में ₹3 करोड़ की कमी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि सौर ऊर्जा का यह विस्तार पर्यावरण संरक्षण के प्रति कोटा मंडल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का शानदार परिणाम है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 के बीच मंडल का कनेक्टेड विद्युत लोड 23,390 किलोवाट से बढ़कर 24,020 किलोवाट हो गया। लेकिन सौर ऊर्जा के शानदार उत्पादन के कारण कुल विद्युत बिल ₹23 करोड़ से घटकर मात्र ₹20 करोड़ रह गया। यह ₹3 करोड़ की प्रत्यक्ष बचत स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के व्यावहारिक और आर्थिक लाभ को स्पष्ट रूप से प्रमाणित करती है।
“नेट जीरो कार्बन एमिशन” की दिशा में सक्रिय कदम
भारतीय रेलवे लगातार “नेट जीरो कार्बन एमिशन” (Net Zero Carbon Emission) के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में सतत कार्यरत है। कोटा मंडल इस राष्ट्रीय संकल्प में अपना सक्रिय और अग्रणी योगदान दे रहा है। सौर ऊर्जा के माध्यम से परंपरागत पावर ग्रिड पर निर्भरता कम करना न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन (Carbon Footprint) में भारी कमी लाकर जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पर्यावरण संरक्षण में भी एक बड़ा सहायक कदम है।
देश, दुनिया और मध्य प्रदेश की ताज़ा और प्रामाणिक ख़बरों के लिए यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya) से जुड़े रहें।
