शामगढ़: शामगढ़ सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए शिक्षक कॉलोनी निवासी दिलीप सिंह राजपूत का 20 दिन के कड़े संघर्ष और लंबे उपचार के बाद मंगलवार (19 मई) को दुःखद निधन हो गया है। इस मनहूस खबर के शामगढ़ पहुंचते ही पूरे नगर और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

शामगढ़ सड़क हादसा दिलीप सिंह राजपूत का निधन

[दिवंगत दिलीप सिंह राजपूत]

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📌 कैसे हुआ था हादसा?

आज से करीब 20 दिन पहले, 29 अप्रैल को शामगढ़ में टकरावद रोड स्थित पाटीदार मांगलिक भवन के पास शाम करीब 5 बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत हो गई थी। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए थे।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए सभी घायलों को शामगढ़ के शासकीय अस्पताल पहुंचाया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मंदसौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। इन घायलों में दिलीप पिता पदम सिंह राजपूत (निवासी शिक्षक कॉलोनी, शामगढ़), संजय मेघवाल (30), गोपाल मेघवाल (40) और पवित्रा बाई (37) निवासी देवरी शामिल थे।

20 दिनों तक चला उपचार का सिलसिला

दुर्घटना में दिलीप सिंह के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। शामगढ़ में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत मंदसौर के सिद्धिविनायक हॉस्पिटल ले जाया गया। चार दिन तक वहां इलाज चलने के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया था। हालांकि, अहमदाबाद में स्थिति में कोई खास सुधार नहीं होने के कारण उन्हें चार दिन पहले वापस मंदसौर (सिद्धिविनायक हॉस्पिटल) लाया गया था। यहीं मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

आज निकलेगी अंतिम यात्रा

दिलीप सिंह राजपूत शामगढ़ शिक्षक कॉलोनी के निवासी थे और श्री राम फाइनेंस के मैनेजर प्रशांत सिंह राजपूत के छोटे भाई थे। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिजनों के अनुसार, दिवंगत दिलीप सिंह का अंतिम संस्कार आज 20 मई को शामगढ़ में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा उनके निज निवास (शिक्षक कॉलोनी, शामगढ़) से निकाली जाएगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।

कैलाश विश्वकर्मा