मंदसौर/गांधीसागर। रात का घना अंधेरा, सूनसान सड़क और एक रहस्यमयी तस्कर… लेकिन गांधीसागर पुलिस की पैनी नज़रों से बचना इतना आसान नहीं था। मंदसौर जिले में नशे के काले कारोबार के खिलाफ चल रहे महाअभियान के तहत पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जो किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।

पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना के सख्त निर्देशों के बाद पूरे जिले में तस्करों की धरपकड़ तेज़ कर दी गई है। इसी बीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ श्री आर. एस. मिश्रा और एसडीओपी श्री विजय कुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन में, लेडी सिंघम के नाम से अपनी पहचान बना रहीं गांधीसागर थाना प्रभारी निरीक्षक तरुणा भारद्वाज को एक गुप्त और पुख्ता सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि नशे की एक बड़ी खेप रात के अंधेरे में ठिकाने लगाई जाने वाली है।

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पेट पर बंधी थी मौत की पुड़िया

बिना एक पल गंवाए, पुलिस की एक स्पेशल टीम ने 29 जून 2026 की रात हिंगलाज रिसोर्ट के पास गांधीसागर-भानपुरा रोड पर अपना जाल बिछाया। हर गुज़रने वाले पर नज़र रखी जा रही थी। तभी अंधेरे को चीरता हुआ एक संदिग्ध शख्स वहां से गुज़रा। पुलिस टीम ने फुर्ती दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नरेन्द्र पुरी (40 वर्ष), निवासी ग्राम कित्तूखेड़ी, थाना नारायणगढ़ बताया।

चेहरे पर उड़ती हवाइयां और कांपते हाथों ने उसके गुनाह की गवाही दे दी थी। लेकिन जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो नज़ारा हैरान करने वाला था। शातिर तस्कर ने पुलिस की नज़रों से बचने के लिए अपने पेट पर लाल रंग के कपड़े से एक पैकेट बांध रखा था! इस पैकेट को खोलते ही 1.080 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, उसके पास मौजूद एक नीले रंग के झोले से 2.5 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा भी मिला। पकड़े गए ज़हर की कीमत करीब 1,55,000 रुपये आंकी गई है।

थाना गांधीसागर ने इस शातिर तस्कर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 और 18 के तहत अपराध क्रमांक 45/2026 दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस पूरे नेक्सस की जड़ों तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है कि यह अफीम कहां से आई और इसे किस सफेदपोश तक पहुंचाया जाना था। मंदसौर पुलिस की यह कार्रवाई तस्करों के लिए एक खुला संदेश है—’नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह सुरक्षित नहीं है।’

कैलाश विश्वकर्मा