मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के बादाखेड़ी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी स्कूल की आड़ में गैरकानूनी रूप से मदरसा संचालित किए जाने का भंडाफोड़ हुआ है। मध्य प्रदेश बाल संरक्षण अधिकार आयोग (MPCPCR) की अध्यक्ष श्रीमती निवेदिता शर्मा ने मौके पर औचक निरीक्षण कर इस मंदसौर अवैध मदरसा (Mandsaur Illegal Madrasa) का खुलासा किया। आयोग की अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले में मानव तस्करी (Human Trafficking) जैसी गंभीर आशंका व्यक्त की है।
कक्षा 6 से 8 तक स्कूल की मान्यता, चल रहा था 12वीं तक का अवैध मदरसा
बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के अनुसार, मंदसौर जिले के बादाखेड़ी गांव में ‘मोनिया वेलफ़ेयर सोसाइटी’ द्वारा कक्षा 6 से 8वीं तक मिडिल स्कूल संचालित करने की मान्यता ली गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी। मान्यता की आड़ में बिना किसी कानूनी स्वीकृति के वहाँ 12वीं कक्षा तक का मदरसा संचालित किया जा रहा था। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस मदरसे की मदरसा बोर्ड से कोई मान्यता नहीं थी।
आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि स्कूल की आड़ में चलाए जा रहे इस गैरकानूनी मदरसे में छात्रों को एक धर्म विशेष की कट्टरपंथी धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। शिक्षा के नाम पर बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। इस संबंध में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
आंकड़ों में भारी हेरफेर: मौके पर बैग मिले, लेकिन छात्राएं नदारद
औचक निरीक्षण के दौरान सरकारी आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। निवेदिता शर्मा ने मीडिया को बताया कि शिक्षा विभाग के सरकारी पोर्टल पर यहाँ केवल 36 बच्चे दर्ज हैं, जबकि संस्था के स्कॉलर रजिस्टर में 76 बच्चों के नाम अंकित हैं। जाँच में जानकारी मिली कि इस मदरसे में वास्तव में 100 से अधिक छात्राएं रह रही थीं।
मौके पर निरीक्षण के दौरान करीब 10 से 15 कमरे मिले, जिनमें छात्राओं के कपड़े और स्कूल बैग रखे हुए मिले। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जाँच टीम के पहुँचने पर वहाँ एक भी छात्रा उपस्थित नहीं मिली। सभी छात्राओं को अचानक गायब कर दिया गया था। छात्राओं के इस तरह रहस्यमय ढंग से गायब होने पर बाल आयोग अध्यक्ष ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
हाल के दिनों में मंदसौर जिले में कई बड़े प्रशासनिक मामले सामने आए हैं, जैसे वन विभाग के बाबू पर लोकायुक्त का छापा या पूर्व में तलाव पिपलिया में फिरौती व अपहरण का मामला। लेकिन बालिकाओं की सुरक्षा और अवैध रूप से चल रहे मदरसों से जुड़ा यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग की आशंका: पुलिस और प्रशासन अलर्ट
निवेदिता शर्मा ने आशंका जताई है कि इतनी बड़ी संख्या में बालिकाओं का अचानक लापता होना किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क या मानव तस्करी (Human Trafficking) का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को तत्काल विस्तृत जाँच के निर्देश दिए हैं।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) टेरेसा मिंज (मिंट) ने भी माना कि बादाखेड़ी में मिडिल स्कूल की आड़ में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा था। शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन करने पर मोनिया वेलफ़ेयर सोसाइटी के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। स्कूल की मान्यता निरस्त करने और संस्थापकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राज्य के मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी इस मामले में जवाब तलब किया गया है।
चलते-चलते: शिक्षा के मंदिर में अवैध गतिविधियों पर लगाम जरूरी
मंदसौर जिले के बादाखेड़ी गांव में स्कूल की आड़ में चल रहे इस अवैध मदरसे का मामला बेहद गंभीर है। शिक्षा का अधिकार हर बच्चे को है, लेकिन मान्यता की शर्तों का उल्लंघन कर गुप्त रूप से धार्मिक शिक्षा देना और बालिकाओं को छात्रावास जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में रखना और फिर उनका अचानक गायब हो जाना, कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। यदि सरकारी पोर्टल पर केवल 36 बच्चे थे, तो विभाग की नाक के नीचे 100 से अधिक छात्राएं कैसे रह रही थीं? यह जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ बिना किसी तुष्टीकरण के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में शिक्षा के नाम पर ऐसे अवैध धंधे पनप न सकें।
कैलाश विश्वकर्मा
मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya)
कैलाश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं।
– कैलाश विश्वकर्मा, मुख्य संपादक, यशस्वी दुनिया
मंदसौर जिले और राज्य की ताज़ा ख़बरों के लिए यशस्वी दुनिया (Yashasvi Duniya) से जुड़े रहें।