
देश के पांच राज्यों के चुनाव परिणाम में सबसे महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल को माना जा रहा है , जहां स्पष्ट रूप से पोलराइजेशन की राजनीति हुई है । यदि ममता बनर्जी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के बल पर चुनाव जीते हैं तो भाजपा पूरी ताकत झोंककर हिंदू वोटो को आकर्षित कर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है । पश्चिम बंगाल और असम के परिणाम बता रहे हैं कि देश में चुनाव धर्म की राजनीति के आधार पर ही हो रहे हैं।कांग्रेस ने अब तक धर्मनिरपेक्षता के नाम पर एक ही धर्म के प्रति सापेक्ष व्यवहार रखा तो देश का मतदाता भी अब विकास की जगह खुद की सुरक्षा और धार्मिक आधार पर वोट कर रहा है। कांग्रेस तो पश्चिम बंगाल में जीरो पर है, लेफ्ट पश्चिम बंगाल से लेफ्ट हो गया है, याने गायब हो चुका है । ममता की सरकार भी जा चुकी है ।भाजपा पहली बार पश्चिम बंगाल में तीन से 73, ओर 73 से 173 की ओर अग्रसर है ….!
