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April 27, 2026 8:23 pm

कोटा मंडल में ऐतिहासिक शुरुआत: अल्सटॉम प्रणोदन प्रणाली से लैस पहली वंदे भारत रेक के परीक्षण का आगाज़

कोटा मंडल में ऐतिहासिक शुरुआत: अल्सटॉम प्रणोदन प्रणाली से लैस पहली वंदे भारत रेक के परीक्षण का आगाज़

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल की पटरियों पर आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब देश में पहली बार 16-कार वंदे भारत ट्रेनसेट, जिसमें अत्याधुनिक अल्सटॉम प्रणोदन प्रणाली लगी है, का परीक्षण सफलतापूर्वक शुरू किया गया। यह परीक्षण न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह 16-कार वंदे भारत रेक रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला द्वारा निर्मित है। इस रेक में फ्रांस की अग्रणी कंपनी Alstom की भारतीय इकाई Alstom Transport India Limited द्वारा विकसित अत्याधुनिक ट्रेन नियंत्रण और प्रणोदन प्रणाली स्थापित की गई है। स्वदेशी निर्माण और वैश्विक तकनीक के इस समन्वय को भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

परीक्षण का आयोजन नागदा–कोटा–शामगढ़ रेलखंड पर किया गया, जहां रेक ने निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी पहली परीक्षण दौड़ पूरी की। प्रारंभिक चरण में ट्रेन को 60 से 115 किलोमीटर प्रति घंटा की गति के बीच संचालित किया गया। इस दौरान प्रणोदन प्रणाली के प्रदर्शन, ब्रेकिंग सिस्टम की कार्यक्षमता और विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के एकीकरण का मूल्यांकन किया गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परीक्षण श्रृंखला आगामी कई दिनों तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक परीक्षणों के सफल रहने के बाद उच्च गति परीक्षण किए जाएंगे, जिनमें ट्रेन की गति को क्रमशः बढ़ाते हुए अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक ले जाने की योजना है।

पूरे परीक्षण की निगरानी Research Designs and Standards Organisation (आरडीएसओ), लखनऊ द्वारा की जा रही है। आरडीएसओ के निदेशक (परीक्षण) श्री धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता श्री राघवेन्द्र सिंह की देखरेख में परीक्षण के सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण के दौरान ट्रेन ने नागदा–कोटा खंड पर सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पूर्ण पालन किया और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दौड़ पूरी की। यह प्रारंभिक परीक्षण आगामी उच्च गति परीक्षणों की तैयारी का आधार बनेगा।

इस परीक्षण को सफल बनाने में कोटा मंडल के अनुभवी रेलकर्मियों की अहम भूमिका रही। टीम में मुख्य लोको निरीक्षक श्री वाई. के. शर्मा, लोको पायलट श्री विपिन कुमार सिंह, सह-लोको पायलट श्री घन श्याम जोशी, मुख्य यातायात निरीक्षक श्री सुशील कुमार जेठवानी और ट्रेन प्रबंधक श्री रवि अग्रवाल शामिल रहे।

कोटा मंडल में ऐतिहासिक शुरुआत: अल्सटॉम प्रणोदन प्रणाली से लैस पहली वंदे भारत रेक के परीक्षण का आगाज़

इसके अलावा, अल्सटॉम और Wabtec Corporation की तकनीकी विशेषज्ञ टीमों ने भी परीक्षण के दौरान सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इन टीमों ने ट्रेन की प्रणालियों के संचालन और प्रदर्शन की निगरानी करते हुए आवश्यक तकनीकी सहायता दी।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस नई तकनीक के सफल परीक्षण के बाद भविष्य में इसी प्रकार की और उन्नत वंदे भारत ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे न केवल यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कोटा मंडल में शुरू हुआ यह परीक्षण भारतीय रेलवे के लिए एक नई दिशा का संकेत माना जा रहा है, जहां आधुनिक तकनीक और स्वदेशी निर्माण के माध्यम से रेल सेवाओं को और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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