मनासा/नीमच। अपराध और अपराधियों के खिलाफ नीमच पुलिस ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि 2022 से पुलिस को चकमा दे रहा एक बेहद शातिर और कुख्यात ड्रग तस्कर आखिरकार खाकी के फंदे में फंस ही गया! नीमच पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास के अचूक निर्देशन में मनासा पुलिस ने एक ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिसने मादक पदार्थ तस्करों की रीढ़ तोड़ कर रख दी है। मनासा थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी और उनकी जांबाज टीम ने 2022 से फरार चल रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय तस्कर को धर दबोचा है। इस खूंखार अपराधी पर मध्य प्रदेश और राजस्थान में ड्रग तस्करी के एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं!
हर दिन बदलता था ठिकाना, लेकिन पुलिस से नहीं बच सका!
यह कोई आम अपराधी नहीं था। पुलिस के अनुसार, आरोपी वकील उर्फ शंकर पिता सुरजमल बंजारा (उम्र 38 वर्ष, निवासी पोखरदा) मनासा थाने के अपराध क्रमांक 18/2022 (धारा 8/15, 29 एनडीपीएस एक्ट – अवैध डोडाचूरा तस्करी) में 2022 से ही वांटेड था। पुलिस से बचने के लिए यह शातिर तस्कर गिरगिट की तरह अपने भेष, नाम और ठिकाने बदल रहा था। लेकिन कहते हैं न, कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं—और मनासा पुलिस ने इसे साबित कर दिया।
जमानत का उठाया नाजायज फायदा, तो पुलिस ने दिखा दी औकात
इस शातिर अपराधी ने कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए माननीय उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ले ली थी। लेकिन जमानत मिलने के बाद भी यह थाने नहीं पहुंचा, बल्कि फिर से अपने काले कारनामों (ड्रग्स तस्करी) में जुट गया। इस गुस्ताखी को मनासा पुलिस ने बर्दाश्त नहीं किया। पुलिस ने पूरी आक्रामकता के साथ हाईकोर्ट में इसकी जमानत निरस्त करने का कड़ा डोजियर पेश किया। न्यायालय ने भी इस तस्कर के काले चिट्ठे को देखते हुए तुरंत इसकी जमानत खारिज कर दी और फिर शुरू हुआ इसे दबोचने का महा-ऑपरेशन!
मुखबिर की एक भनक और बिछ गया पुलिस का जाल
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल और एसडीओपी (मनासा) श्रीमती शाबेरा अंसारी की मॉनिटरिंग में थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने अपने सबसे तेज-तर्रार मुखबिरों को मैदान में उतार दिया। जैसे ही इस शातिर तस्कर की भनक लगी, पुलिस टीम ने बिना एक सेकंड गंवाए ऐसी सटीक घेराबंदी की कि इसे भागने का मौका ही नहीं मिला। आखिरकार, 7 अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे इस कुख्यात अपराधी को सलाखों के पीछे धकेल दिया गया है।
इन जांबाजों ने किया कमाल:
इस खूंखार तस्कर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी, उपनिरीक्षक तेज सिंह सिसौदिया, प्रधान आरक्षक 257 अकीब मेव, आरक्षक 569 अंकित जोशी, और आरक्षक 631 पिकेंश मोगिया ने सबसे जांबाज और काबिले तारीफ भूमिका निभाई।
