रतलाम, 31 मई। माल परिवहन के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिचालन दक्षता का प्रदर्शन करते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने रचा नया कीर्तिमान। मंडल ने 30 मई 2026 को एक ही दिन में अब तक की सर्वाधिक 66 क्रैक ट्रेनों का सफल परिचालन कर ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है।

54.1 प्रतिशत क्रैक रेशियो के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

इस शानदार परिचालन के साथ ही रतलाम मंडल ने 54.1 प्रतिशत क्रैक रेशियो (एक दिन में मंडल से कुल क्रैक ट्रेनों का परिचालन x 100 / एक दिन में कुल इंटरचेंज = 66×100/122 = 54.10) प्राप्त किया है, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह उपलब्धि मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन में परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए सतत प्रयासों का शानदार परिणाम है। इसमें वाणिज्य, सिग्नल एवं दूरसंचार, संरक्षा, सुरक्षा, यांत्रिक, इंजीनियरिंग तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच स्थापित प्रभावी समन्वय की अहम भूमिका रही है। (अधिक रेलवे खबरों के लिए यशस्वी दुनिया होमपेज पर जाएँ)

टूटा पिछला रिकॉर्ड: 64 से 66 तक का सफर

जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 मई 2026 से पूर्व एक दिन में सर्वाधिक क्रैक ट्रेनों के परिचालन का रिकॉर्ड 07 मई 2024 को दर्ज किया गया था (64 क्रैक ट्रेनें)। इस बार 66 क्रैक ट्रेनों का परिचालन कर नया अध्याय जोड़ा गया है। इससे पूर्व सर्वश्रेष्ठ क्रैक रेशियो 12 मई 2026 को 52.21 प्रतिशत था, जिसे बढ़ाकर 54.1 प्रतिशत कर दिया गया है।

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क्या होती है क्रैक ट्रेन?

रेलवे परिचालन की दृष्टि से ‘क्रैक ट्रेन’ वह मालगाड़ी होती है, जिसके परिचालन के दौरान एक क्रू चेंजिंग प्वाइंट या क्रू लॉबी को बाईपास किया जाता है। इसके साथ ही, इसे बिना रेक विभाजन और बिना अनावश्यक यार्ड रुकावट के आगे बढ़ाया जाता है।

  • समय की बचत: इससे मालगाड़ियों के ट्रांजिट समय में कमी आती है और माल गंतव्य तक तेजी से पहुंचता है।
  • लागत और संसाधनों की बचत: यार्डों में रेक पुनर्संरचना की आवश्यकता कम होने से मानव संसाधनों एवं परिचालन लागत की बचत होती है।
  • दक्षता में वृद्धि: वैगनों के टर्नअराउंड समय में कमी आने से रेलवे की माल परिवहन क्षमता बढ़ती है।

रतलाम मंडल की यह उपलब्धि न केवल पश्चिम रेलवे की माल परिवहन क्षमता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि भारतीय रेलवे के माल राजस्व में वृद्धि तथा लॉजिस्टिक्स दक्षता को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

कैलाश विश्वकर्मा