पश्चिम बंगाल में 9 मई को भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण: ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा भव्य समारोह, तमिलनाडु में विजय का कांग्रेस को साथ लेकर सरकार बनाने का दावा
कोलकाता/चेन्नई: भारत की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बदलावों का गवाह बना है। पश्चिम बंगाल में दशकों के संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है, वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय (Thalapathy Vijay) ने अपनी पार्टी TVK और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

ये दोनों ही घटनाक्रम देश के राजनीतिक मानचित्र को नए सिरे से परिभाषित करने वाले साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक की सत्ता के समीकरणों का पूरा विवरण।
1. पश्चिम बंगाल: ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई को होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने सरकार गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में भाजपा की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को सुबह 10:00 बजे कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा।
विधायक दल की बैठक: सरकार गठन की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक 7 मई को सुबह 11:30 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। माना जा रहा है कि यह समारोह बंगाल के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसमें केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
ममता और अभिषेक की सुरक्षा हटाई गई: राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद उनकी सरकारी सुरक्षा हटा ली गई है। इसके अलावा, राज्य के कई जिलों से टीएमसी कार्यालयों पर बुलडोजर चलाने और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आ रही हैं।
2. तमिलनाडु: विजय ने कांग्रेस के समर्थन से ठोका सरकार बनाने का दावा
दक्षिण की राजनीति में भी आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK) ने राज्य की सत्ता पर दावा पेश कर दिया है। विजय ने स्पष्ट किया है कि वे कांग्रेस के समर्थन से गठबंधन सरकार बनाएंगे।
सत्ता का गणित: तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है। विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है (इनमें से एक विधायक ने इस्तीफा दिया है, जिससे अब प्रभावी संख्या 107 है)। कांग्रेस के पास 5 विधायक हैं। इस तरह TVK और कांग्रेस गठबंधन के पास कुल 112 विधायक हैं, जो बहुमत के आंकड़े से मात्र 6 सीट दूर हैं। विजय का दावा है कि उन्हें निर्दलीय और अन्य छोटे दलों का समर्थन प्राप्त है और वे जल्द ही राज्यपाल के समक्ष बहुमत पेश करेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर टीवीके के सभी विधायकों को महाबलीपुरम के एक रिसॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है।
3. बंगाल में चुनावी हिंसा: 4 की मौत, अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़
पश्चिम बंगाल में जीत के जश्न के बीच हिंसा की खबरें भी कम नहीं हो रही हैं। चुनाव बाद हुई हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने लेनिन की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं, कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के निजी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमलों की रिपोर्ट्स आ रही हैं, जिसके बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
निष्कर्ष: एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत
बंगाल में भाजपा का उदय और तमिलनाडु में विजय की पार्टी का सरकार बनाने की दिशा में बढ़ना यह स्पष्ट करता है कि देश की जनता अब नए विकल्पों को तरजीह दे रही है। बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के वादे के साथ भाजपा की नई पारी और तमिलनाडु में विजय का ‘द्रविड़ राजनीति’ के बीच अपनी जगह बनाना, आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति की दिशा तय करेगा।
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