मंदसौर जिले के दलौदा थाना क्षेत्र में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाना एक डीजे संचालक को महंगा पड़ गया। प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश की अवहेलना करने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साउंड सिस्टम जब्त कर लिया और संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

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बोर्ड परीक्षा को देखते हुए पहले से था प्रतिबंध
जिला प्रशासन की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए थे। माननीय जिला दंडाधिकारी द्वारा स्पष्ट आदेश दिया गया था कि परीक्षा अवधि में डीजे, लाउडस्पीकर और उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके बावजूद दलौदा में एक डीजे संचालक द्वारा महू-नीमच हाईवे स्थित जैन मंदिर के पास तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न हो गई।

पुलिस को मिली सूचना, मौके पर पहुंची टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 फरवरी 2026 की रात लगभग 10:25 बजे से 10:45 बजे के बीच डीजे संचालित किया जा रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर थाना दलौदा से कैलाश सिंह बघेल के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान पाया गया कि डीजे तेज ध्वनि में बजाया जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा पूर्व में प्रतिबंध लागू किया जा चुका था।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डीजे संचालक से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वह वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद साउंड सिस्टम को विधिवत जब्त कर लिया गया।
आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज
मामले में गोपाल पिता लच्छीराम मीणा, उम्र 22 वर्ष, निवासी रामगढ़, थाना प्रतापगढ़ जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी द्वारा चेतक डीजे के नाम से साउंड सिस्टम संचालित किया जा रहा था।
थाना दलौदा में अपराध क्रमांक 65/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला कायम किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना), मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181(3), 130(3), 177 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधान शामिल किए गए हैं। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
जब्त किया गया भारी साउंड सिस्टम
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में साउंड उपकरण जब्त किए हैं। जब्त सामग्री में शामिल हैं:
- 6 लाउड स्पीकर
- 2 एम्पलीफायर 1000 वॉट
- 2 एम्पलीफायर 500 वॉट
- 700 वॉट हाई पावर साउंड उपकरण
- अन्य संबंधित ऑडियो सामग्री
साथ ही डीजे संचालन में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक MP09GE3281 को भी जब्त किया गया। पुलिस ने सभी उपकरणों को विधिवत पंचनामा बनाकर कब्जे में लिया है।
प्रशासन सख्त, परीक्षा में व्यवधान बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती हैं और इस दौरान किसी भी प्रकार का शोर-शराबा या ध्वनि प्रदूषण सहन नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि नियंत्रण के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि डीजे की आवाज काफी तेज थी और देर रात तक गूंज रही थी। क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती से ही परीक्षा का माहौल शांतिपूर्ण बना रह सकता है।
पुलिस की अपील
थाना दलौदा पुलिस ने सभी डीजे संचालकों और आयोजकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक आदेशों का पालन करें और किसी भी कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति अवश्य लें। विशेषकर परीक्षा अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति आदेशों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जब्ती के साथ-साथ वाहन और उपकरणों को भी राजसात करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
बढ़ती साउंड प्रदूषण की समस्या
दलौदा सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी समय-समय पर तेज ध्वनि में डीजे बजाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम का उपयोग आम हो गया है, जिससे ध्वनि प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक तेज ध्वनि के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह विशेष रूप से हानिकारक होता है। इसी कारण न्यायालयों और प्रशासन द्वारा समय-समय पर ध्वनि सीमा निर्धारित की जाती रही है।
परीक्षा के समय विशेष निगरानी
सूत्रों के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की अवधि में जिले के सभी थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और डीजे संचालकों की सूची तैयार कर उन्हें नियमों की जानकारी भी दी गई है।
दलौदा की यह कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
दलौदा में तेज आवाज में डीजे बजाना एक संचालक को भारी पड़ गया। बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रशासनिक आदेश की अवहेलना करने पर न केवल साउंड सिस्टम जब्त किया गया, बल्कि कानूनी प्रकरण भी दर्ज हुआ। यह कार्रवाई अन्य डीजे संचालकों और आयोजकों के लिए स्पष्ट संदेश है कि नियमों का पालन अनिवार्य है।
परीक्षा के इस महत्वपूर्ण समय में जिला प्रशासन और पुलिस की सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि जिले में शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण बना रहेगा, जिससे विद्यार्थी बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षाएं दे सकें।