भारतीय रेलवे का कायाकल्प: वंदे भारत और एलएचबी कोचों से सफर हुआ सुरक्षित और हाईटेक

भारतीय रेलवे का कायाकल्प: वंदे भारत और एलएचबी कोचों से सफर हुआ और भी सुरक्षित और हाईटेक

Vande Bharat Express Front View

भारतीय पटरियों पर दौड़ती अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस

Advertisement

नई दिल्ली: भारतीय रेल ने यात्रियों की संरक्षा (Safety), आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अपने कोचों में व्यापक सुधार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। रेलवे द्वारा इसके लिए निरंतर नवाचार और विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें एलएचबी (LHB) कोचों का अधिकाधिक उपयोग और वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेनों का संचालन प्रमुख हैं।

एलएचबी कोचों का बड़े पैमाने पर विस्तार

रेलवे द्वारा पारंपरिक आईसीएफ (ICF) कोचों की जगह अधिक संरक्षित और आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों को उपयोग में लाया जा रहा है। ये कोच एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम, एयर सस्पेंशन और कम जंग लगने वाली जैसी विशेषताओं से लैस हैं, जिससे दुर्घटनाओं के दौरान नुकसान कम होता है और यात्रा अधिक आरामदायक बनती है।

अप्रैल 2018 से रेलवे के उत्पादन इकाइयों में केवल एलएचबी कोचों का निर्माण किया जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक कुल 51,833 एलएचबी कोच तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, चरणबद्ध तरीके से आईसीएफ रेक को हटाकर अब तक 1,556 रेक को एलएचबी में बदला जा चुका है।

वंदे भारत चेयर कार: तेज, संरक्षित और आधुनिक तकनीक

यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयर कार संस्करण को देशभर में तेजी से बढ़ाया गया है। वर्तमान में 162 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं संचालित हो रही हैं। इन ट्रेनों में ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, ऑटोमैटिक प्लग डोर, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म और टॉक-बैक यूनिट जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं।

साथ ही, 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड और बेहतर एक्सेलरेशन इन्हें तेज और कुशल बनाते हैं। आग से सुरक्षा के लिए विशेष एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 5 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।

Vande Bharat Express Wide View

लंबी दूरी और सेमी-हाई स्पीड के लिए तैयार वंदे भारत ट्रेनें

वंदे भारत स्लीपर: लंबी दूरी के लिए अत्याधुनिक ट्रेन सुविधा

लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत का स्लीपर संस्करण भी शुरू किया गया है। वर्तमान में 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सेवा में हैं, जिनमें उच्च स्तर की सुरक्षा और आराम का ध्यान रखा गया है। इन ट्रेनों में क्रैशवर्थी डिजाइन, फायर बैरियर डोर, एंटी-क्लाइंबर, सेमी-परमानेंट कपलर और सीसीटीवी जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रियों और लोको पायलट के बीच इमरजेंसी संचार के लिए टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है।

संरक्षा और तकनीक पर फोकस

भारतीय रेल का यह प्रयास न केवल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें एक आधुनिक और आरामदायक यात्रा अनुभव भी प्रदान करता है। आने वाले समय में इन पहलों का और विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय रेल विश्वस्तरीय रेल सेवाओं की दिशा में और आगे बढ़ेगी।


रेलवे और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें ‘यशस्वी दुनिया’ के साथ।


कैलाश विश्वकर्मा