कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से 29 अप्रैल 2026 को रामगंजमंडी–नागदा रेलखंड पर उच्च स्तरीय संरक्षा ऑडिट किया गया। यह निरीक्षण मुख्यालय जबलपुर से आई इंट्रा रेलवे सुरक्षा ऑडिट टीम द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के अधिकारियों के नेतृत्व में संपन्न हुआ।


मुख्य संरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में हुआ निरीक्षण
इस महत्वपूर्ण ऑडिट का नेतृत्व मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी ने किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने रेलवे के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं, समपार फाटकों, स्टेशनों और तकनीकी संरचनाओं का गहन परीक्षण किया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन के अनुसार, इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य रेलवे सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर संभावित खामियों की पहचान करना और उन्हें समय रहते सुधारना है।

इन प्रमुख स्थानों पर हुई विस्तृत जाँच
ऑडिट टीम ने रामगंजमंडी–नागदा खंड के अंतर्गत कई संवेदनशील और तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:
- भवानीमंडी–कुरलासी सेक्शन में स्थित समपार फाटक संख्या 64 और 60
- शामगढ़ स्टेशन का रिले रूम, यार्ड एवं गैंग इंटरसेक्शन
- सुवासरा टीएसएसएस और सुवासरा रेलवे स्टेशन
- नाथुखेरी–चौमहला सेक्शन में मेजर ब्रिज संख्या 44 अप
- आईबीएस–35 एवं रोहल खुर्द स्टेशन का रिले रूम
इन सभी स्थानों पर सुरक्षा उपकरणों, सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी पहलुओं की सूक्ष्मता से जाँच की गई।

कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस ऑडिट निरीक्षण में मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे, जिनमें प्लानिंग एवं डिजाइन, यात्री परिवहन, विद्युत, सिग्नल एवं दूरसंचार, यांत्रिक और सुरक्षा विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
वहीं कोटा मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश कुमार मित्तल एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गोरधन मीना की उपस्थिति में यह निरीक्षण संपन्न हुआ। साथ ही विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

रेलवे सुरक्षा सुधार की निरंतर प्रक्रिया
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के संरक्षा ऑडिट भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा हैं। इन निरीक्षणों के माध्यम से रेल संपत्तियों के रखरखाव की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है और किसी भी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक कमी को समय रहते दूर किया जाता है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रेलवे का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इसी दिशा में ऐसे ऑडिट भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और रेलवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।