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January 12, 2026 11:15 am

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, 11 श्रद्धालुओं की मौत – जम्मू-कश्मीर में 99 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, 11 श्रद्धालुओं की मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। 26 अगस्त 2025 को माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले यात्रा मार्ग पर बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें आठ श्रद्धालु भी शामिल हैं। कई लोग घायल हुए हैं और कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, डोडा ज़िले में बादल फटने की घटना में भी चार लोगों की जान गई।

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वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, 11 श्रद्धालुओं की मौत

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन: श्रद्धालु बने शिकार

भूस्खलन त्रिकुटा पहाड़ियों के अधक्वारी क्षेत्र में हुआ, जो कटरा से माता वैष्णो देवी भवन की ओर जाने वाले 13 किलोमीटर लंबे मार्ग का अहम हिस्सा है। दोपहर करीब 3 बजे अचानक तेज़ आवाज़ के साथ चट्टानें और मलबा नीचे गिर पड़ा। यह घटना इंदरप्रस्थ भोजनालय के पास हुई, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराम करने के लिए रुकते हैं।

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मरने वालों में एक 13 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भूस्खलन में अधक्वारी गुफा मंदिर के पास लगभग 271 सीढ़ियाँ बह गईं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। 10 से ज़्यादा श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें नारायणा अस्पताल, कटरा में भर्ती कराया गया है।

श्रद्धालु बोर्ड (SMVDSB) ने तत्काल यात्रा रोक दी और कटरा बेस कैंप से आगे की श्रद्धालु आवाजाही पर रोक लगा दी। राहत और बचाव कार्य में CRPF, NDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

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डोडा में बादल फटने से बाढ़, कई मौतें

इसी दिन डोडा ज़िले के भलेसा क्षेत्र में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई। इस घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्ची भी शामिल है। बाढ़ के कारण कई घर और दुकानें बह गए।

डोडा में नीरू नाला समेत कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पुल डोडा से डोडा शहर को जोड़ने वाला मुख्य पुल बंद कर दिया गया है। मोबाइल और इंटरनेट सेवाएँ भी प्रभावित हुई हैं।

जम्मू में तवी नदी के पास एक कार बाढ़ में बह गई। कार में सवार पाँच युवकों में से तीन की मौत हो गई, जबकि दो को बचा लिया गया।

जम्मू में 99 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा

जम्मू शहर में 26 अगस्त को 248 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त महीने की सबसे अधिक बारिश है। यह 1926 के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है।

तवी, चिनाब, उज और बासंतर नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। तवी नदी पर बना चौथा पुल आंशिक रूप से ढह गया है। सांबा जिले में सेना ने 7 गुर्जर परिवारों को बाढ़ से बचाया।

जम्मू-पठानकोट हाईवे भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात ठप है।

यातायात और शिक्षा पर असर: ट्रेनें-फ्लाइटें रद्द, स्कूल बंद

भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 18 ट्रेनें, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है, रद्द कर दी गईं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी आवाजाही को नियंत्रित किया गया है।

जम्मू एयरपोर्ट पर 10 में से 4 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। वहीं, जम्मू संभाग में सभी स्कूल और कॉलेज 27 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

सरकारी और केंद्रीय प्रतिक्रिया: अमित शाह का आश्वासन

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लिया और प्रशासन को राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

राहत शिविर बनाए गए हैं और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने की घोषणा की गई है।

जलवायु परिवर्तन का असर और भविष्य की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में जलवायु परिवर्तन के कारण बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर बेहतर ढाँचागत सुविधाओं, मजबूत यात्रा मार्ग और समय रहते चेतावनी प्रणाली की आवश्यकता पर ज़ोर डाला है।

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