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February 23, 2026 6:12 am

भानपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़वाहन चेकिंग के दौरान राजस्थान के तीन आरोपी गिरफ्तार, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल व सिम कार्ड जब्त

भानपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ वाहन चेकिंग के दौरान राजस्थान के तीन आरोपी गिरफ्तार, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल व सिम कार्ड जब्त
भानपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़
वाहन चेकिंग के दौरान राजस्थान के तीन आरोपी गिरफ्तार, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल व सिम कार्ड जब्त

भानपुरा।

भानपुरा।
मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने वर्ष के अंतिम दिन बड़ी और सराहनीय कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड से जुड़े एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। वाहन चेकिंग के दौरान राजस्थान से आए तीन युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आम नागरिकों को रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते और उससे जुड़ी जानकारियां हासिल करता था, जिनका उपयोग साइबर स्कैमर गैंग द्वारा अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था।

मुखबिर सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
दिनांक 31 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना भानपुरा में पदस्थ सउनि द्वारा नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक स्विफ्ट कार क्रमांक आरजे 18 टीए 4591 में राजस्थान के झुंझुनूं क्षेत्र के तीन युवक सवार हैं, जो लोगों से बैंक खाते, चेकबुक, एटीएम कार्ड व सिम कार्ड किराये पर लेकर साइबर स्कैमर गैंग के लिए काम कर रहे हैं। मुखबिर ने बताया कि उक्त युवक नीमथुर की ओर जाने वाले हैं और यदि समय रहते उन्हें रोका जाए तो साइबर अपराध को रोका जा सकता है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए राहगीर पंचान माणक पिता कारुलाल अहिर निवासी लैदीकलां एवं शेर मोहम्मद पिता बशीर मोहम्मद निवासी लैदीखुर्द को साथ लेकर मुखबिर सूचना पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद लेदी चौराहे पर राजस्थान के रामगंजमंडी की ओर से आने वाले वाहनों की सख्ती से चेकिंग शुरू की गई।

स्विफ्ट कार रोककर की गई सख्त पूछताछ
वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा बताए अनुसार एक स्विफ्ट कार आती दिखाई दी, जिसे तत्काल रोक लिया गया। कार में बैठे युवकों से नाम-पता पूछने पर वे बार-बार अलग-अलग जानकारी देने लगे, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर कार चालक ने अपना नाम योगेश पिता विद्याधर जाट उम्र 24 वर्ष निवासी बिरोल थाना नवलगढ़ जिला झुंझुनूं राजस्थान बताया। आगे की सीट पर बैठे युवक ने अपना नाम कुलदीप पिता प्रमोद जाट उम्र 20 वर्ष निवासी आजादीकला जिला झुंझुनूं बताया, जबकि पीछे बैठे युवक ने अपना नाम भावेश पिता सोहनलाल सेन उम्र 19 वर्ष निवासी विद्यासर थाना बलारा जिला सीकर राजस्थान बताया।

पुलिस द्वारा तीनों को मुखबिर सूचना से अवगत कराते हुए पहले स्वयं, स्टाफ एवं गवाहों की तलाशी दी गई, जिसमें कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बाद नियमानुसार तीनों आरोपियों की तलाशी ली गई।

तलाशी में मिले कई बैंकों के एटीएम और चेकबुक
आरोपी योगेश जाट के पास से स्विफ्ट कार क्रमांक आरजे 18 टीए 4591, ओप्पो कंपनी का एक एंड्रॉयड मोबाइल दो सिम सहित तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक एटीएम कार्ड बरामद हुआ, जिस पर मोहम्मद कैफ का नाम अंकित था।
आरोपी कुलदीप के पास से आईफोन 13 प्रो, इन्फिनिक्स जीटी 20 प्रो मोबाइल, पंजाब नेशनल बैंक का एक एटीएम कार्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा का एक एटीएम कार्ड, युको बैंक के दो एटीएम कार्ड और उसका पैन कार्ड बरामद किया गया।
वहीं आरोपी भावेश के पास से सैमसंग ए16 और रियलमी कंपनी के दो मोबाइल फोन, पीएनबी और एसबीआई के एटीएम कार्ड तथा एक काले रंग के बैग में दो चेकबुक बरामद हुईं। इनमें एक यूनियन बैंक की चेकबुक एंजेलिका वेलफेयर फाउंडेशन नोएडा के नाम से तथा दूसरी एसबीआई की चेकबुक चंद्रावती एंटरप्राइजेज लखनऊ के नाम से थी, जो ब्लेंक और हस्ताक्षरित पाई गईं।

भानपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़
वाहन चेकिंग के दौरान राजस्थान के तीन आरोपी गिरफ्तार, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल व सिम कार्ड जब्त

मोबाइल जांच में सामने आए संदिग्ध सबूत
जब्त सामग्री की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि चेकबुक पहले से हस्ताक्षरित हैं। मोबाइल फोन की गैलरी में बड़ी संख्या में संदिग्ध स्क्रीनशॉट मौजूद थे और व्हाट्सएप पर कई लोगों से खातों, लेनदेन और राशि से संबंधित संदिग्ध चैटिंग पाई गई। इन तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को धारा 35(1)(सी), 106 बीएनएसएस तथा धारा 303(2), 314 बीएनएस 2023 के तहत अभिरक्षा में लिया गया।

पूछताछ में उजागर हुआ पूरा नेटवर्क
थाना वापसी पर मामले का उल्लेख रोजनामचा आम में दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई। अभिरक्षा में लिए गए तीनों आरोपियों से पृथक-पृथक पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि वे अन्य व्यक्तियों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते और उससे संबंधित सभी जानकारियां हासिल करते थे। इसके बाद यह जानकारी अपने साथियों आशीष लाम्बा निवासी चेलासी, अभिषेक लाम्बा निवासी चेलासी, सुनील पुनीया निवासी चिरोड़, अंकित रार निवासी सिसिया और अजय रार निवासी बिरोल को भेजते थे।

इन साथियों द्वारा खाताधारकों की जानकारी के बिना खातों में बड़ी मात्रा में अवैध डेबिट और क्रेडिट ट्रांजेक्शन किए जाते थे। इसके बदले में योगेश, कुलदीप और भावेश को मार्जिन मनी के रूप में हिस्सा दिया जाता था।

बैंक खातों में करोड़ों के लेनदेन के संकेत
बैंकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी भावेश सेन के पीएनबी और एसबीआई खातों में एंजेलिका वेलफेयर फाउंडेशन सहित अन्य खातों से बड़ी मात्रा में राशि ट्रांसफर की गई, जिसे उसने एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाल लिया। आरोपी कुलदीप और योगेश की व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री के अवलोकन से भी यह पुष्टि हुई कि वे लगातार खातों की जानकारी, लेनदेन का विवरण और ट्रांसफर की गई राशि का हिसाब अपने साथियों को भेजते और उनसे प्राप्त करते थे। जांच में कुछ इंटरनेशनल नंबरों से संपर्क भी सामने आया है।

प्रकरण दर्ज, विवेचना जारी
सम्पूर्ण जांच एवं तस्दीक के बाद प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित हुआ कि योगेश, कुलदीप, भावेश सहित उनके अन्य साथी मिलकर अज्ञात व्यक्तियों के खातों का दुरुपयोग कर अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि का लेनदेन कर रहे थे। इस पर पुलिस थाना भानपुरा में धारा 303(2), 314, 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़े साइबर फ्रॉड को रोका जा सका। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जब्त मोबाइल फोन व बैंक खातों की तकनीकी जांच के आधार पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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