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February 26, 2026 4:24 am

भय्यू लाला हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से मौत, पत्नी रुखसाना लापता…?? एक सप्ताह बाद हत्या का मामला दर्ज

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध मौत अब एक बड़े आपराधिक और कानूनी विवाद में बदल चुकी है। सीतामऊ थाना क्षेत्र के सुरजनी गांव में हुई इस घटना के एक सप्ताह बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। इसी बीच मृतक की पत्नी रुखसाना के घर से लापता होने की खबर ने जांच को और उलझा दिया है।

भय्यू लाला

दम घुटने की आशंका से लेकर गोली लगने की पुष्टि तक

घटना के शुरुआती दिनों में यह बताया जा रहा था कि पुलिस दबिश के दौरान भय्यू लाला घर के भीतर बेड में छिप गया था और संभवतः दम घुटने से उसकी मौत हो गई। स्थानीय स्तर पर भी इसी तरह की चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन बीते शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट दिया।

रिपोर्ट के अनुसार भय्यू लाला को कान के पीछे गोली लगी थी, जो आंख के पास से बाहर निकली। चिकित्सकीय निष्कर्षों ने स्पष्ट किया कि मृत्यु का कारण गोली लगना है, न कि दम घुटना। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाया।

एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने जानकारी दी थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और उसमें गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट का गहन परीक्षण किया जाएगा और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

भय्यू लाला की गोली लगने से मौत, पत्नी रुखसाना लापता; एक सप्ताह बाद हत्या का मामला दर्ज

परिजनों के आरोपों से बढ़ा विवाद

मामले ने तूल तब पकड़ा जब मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के बेटे शेरदिल और पत्नी रुखसाना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर पर आकर 10 लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि जब पैसे नहीं दिए गए तो भय्यू को कमरे में ले जाकर मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।

परिजनों का यह भी कहना है कि पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने साथ ले गई। उनका दावा है कि उसी डीवीआर में पूरी घटना कैद थी। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

घटना के बाद परिजनों द्वारा बनाए गए एक वीडियो के भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें पुलिस पर सीधे आरोप लगाए गए हैं। इससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

बाथरूम से पिस्टल मिलने का दावा

जांच के दौरान एफएसएल टीम ने जब सीलबंद कमरे को दोबारा खोला तो बाथरूम में गीजर के ऊपर से एक पिस्टल मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह पिस्टल घटना से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है।

लेकिन परिजन इस दावे को भी नकार रहे हैं। उनका कहना है कि यह हथियार पुलिस द्वारा बाद में रखकर झूठा सबूत तैयार करने की कोशिश हो सकती है। इस आरोप ने जांच एजेंसियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि बरामद पिस्टल से ही गोली चली थी या नहीं। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

झोलाछाप डॉक्टर का नाम भी आया सामने

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद परिजन भय्यू लाला को तितरोद क्षेत्र के एक झोलाछाप डॉक्टर राजाबाबू मंसूरी के पास लेकर गए थे। बताया जा रहा है कि वहां उसे मृत घोषित किया गया। इसके बाद शव को वापस घर लाया गया और फिर पुलिस पर आरोप लगाते हुए वीडियो बनाया गया।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मृत्यु का वास्तविक समय क्या था और गोली कब चलाई गई। यह भी जांच का विषय है कि क्या गोली पुलिस दबिश से पहले चली या उसी दौरान।

कौन था भय्यू लाला

वाहिद उर्फ भय्यू लाला का नाम पिछले कई वर्षों से अपराध जगत में चर्चित रहा है। वर्ष 2003 से वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। उसके खिलाफ लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और मादक पदार्थ तस्करी सहित कुल 19 गंभीर मामले दर्ज थे।

उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच के अलावा राजस्थान के कोटा और जोधपुर तथा महाराष्ट्र के मुंबई और ठाणे की पुलिस को भी उसकी तलाश थी। पुलिस रिकॉर्ड में वह एक सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा माना जाता था।

मुंबई ड्रग्स कनेक्शन

जनवरी 2026 में मुंबई में 23 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए एक आरोपी के तार मंदसौर से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि नेटवर्क की जड़ें सुरजनी गांव तक फैली हुई हैं। इसके बाद मुंबई और ठाणे पुलिस ने यहां दबिश दी थी, लेकिन भय्यू लाला हाथ नहीं आया।

बाद में जावरा क्षेत्र से उसके सहयोगियों के पास से करीब 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी। इस बड़े नेटवर्क में भय्यू को मुख्य आरोपी माना जा रहा था। यही कारण है कि कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में सक्रिय थी।

जांच के घेरे में कई लोग

अब तक पुलिस परिवार और करीबी लोगों सहित 20 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ कर चुकी है। कई लोगों को राउंडअप कर बयान दर्ज किए गए हैं। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

इसी बीच पत्नी रुखसाना के घर से लापता होने की सूचना ने जांच को नया आयाम दे दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार वह घटना के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आई है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से इसे लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।

पुलिस के सामने अहम सवाल

मामले में कई महत्वपूर्ण प्रश्न हैं जिनका उत्तर जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा

गोली किसने चलाई
क्या गोली घर के अंदर चली
घटना का वास्तविक समय क्या था
पिस्टल किसकी थी
क्या सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है
क्या पुलिस पर लगे आरोपों में कोई तथ्य है

इन सभी पहलुओं पर पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।

क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का दौर

हिस्ट्रीशीटर की संदिग्ध मौत और पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। गांव और आसपास के इलाकों में लोग घटना को लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे हैं। एक ओर परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है।

सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

आगे क्या

अब सबकी निगाहें फॉरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड पर टिकी हैं। यदि पिस्टल और गोली का मिलान हो जाता है तो जांच की दिशा स्पष्ट हो सकती है। वहीं यदि पुलिस पर लगे आरोपों में कोई तथ्य सामने आता है तो मामला और गंभीर हो सकता है।

फिलहाल हत्या का मामला दर्ज हो चुका है और जांच जारी है। हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराध और कानून के बीच की रेखा कितनी जटिल हो सकती है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि यह मामला किस दिशा में जाता है और असली सच्चाई क्या है।

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