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प्रधानमंत्री ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पांच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी दिखाई

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रानी कमलापति-जबलपुर, रानी कमलापति-इंदौर, गोवा (मडगांव)-मुंबई, रांची-पटना और धारवाड़-बेंगलुरु के बीच वंदे भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जो मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की राजधानियों को जोड़ती हैं
देश में कुल 23 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, ये ट्रेनें यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए
वर्तमान में सबसे तेज़ ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की तुलना में यात्रा के समय में घंटों की बचत कर रही हैं।

प.म.रेल,कोटा 27 जून, 2023

कोटा। भारतीय रेलवे ने आज एक ऐतिहासिक दिन देखा जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के पांच नए और उन्नत संस्करणों को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम के दौरान, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, जन प्रतिनिधि और विशेष अतिथि भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।

आरामदायक और उन्नत रेल यात्रा अनुभव के एक नए युग की शुरुआत करते हुए, रानी कमलापति-जबलपुर, रानी कमलापति-इंदौर, गोवा (मडगांव)-मुंबई, रांची-पटना और धारवाड़-बेंगलुरु के बीच पांच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। आज रवाना की गईं ये वंदे भारत ट्रेनें राज्यों की राजधानियों और अन्य शहरों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी, यात्रा के समय को कम करेंगी और यात्रा के आराम को बढ़ाएंगी। ये वंदे भारत ट्रेनें हमारे देश के कोने-कोने तक नए भारत- विकसित भारत का संदेश पहुंचा रही हैं ।

रानी कमलापति-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

रानी कमलापति-जबलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करेगी और नरसिंहपुर, पिपरिया और नर्मदापुरम रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए उसी दिन जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी।

वंदे भारत ट्रेन के संचालन से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जबलपुर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और आसपास के धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी साथ ही क्षेत्र का सर्वांगीण विकास भी होगा।

रानी कमलापति-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस

भोपाल-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रुकते हुए उसी दिन इंदौर स्टेशन पहुंचेगी। रानी कमलापति से इंदौर के बीच वंदे भारत ट्रेन चलने से यात्रा आसान और तेज होगी, साथ ही यह इन क्षेत्रों की संस्कृति, पर्यटन और तीर्थ स्थलों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस एक सुखद और बेहतर रेल यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगी।

गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस

गोवा (मडगांव)-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन से प्रस्थान करेगी और दादर, ठाणे, पनवेल, खेड़, रत्नागिरी, कंकावली और थिविम रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए उसी दिन मडगांव स्टेशन पहुंचेगी।

अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस कोंकण क्षेत्र के लोगों को गति और आराम के साथ यात्रा करने का साधन उपलब्ध कराएगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद है कि इस रूट पर नई वंदे भारत ट्रेन पर्यटकों की सुविधा में नए आयाम जोड़ेगी।

रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

रांची-पटना नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पटना से प्रस्थान करेगी और गया, कोडरमा, हज़ारीबाग, बरकाकाना और मेसरा रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए उसी दिन रांची स्टेशन पहुंचेगी।

प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधनों से समृद्ध, रांची खनिज आधारित उद्योगों के लिए एक आदर्श स्थान है। यह ट्रेन स्थानीय व्यापारियों और कारोबारियों के लिए पटना से तेज कनेक्टिविटी के लिए फायदेमंद होगी।

धारवाड़-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस

धारवाड़-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन केएसआर बेंगलुरु सिटी से प्रस्थान करेगी और उसी दिन धारवाड़ स्टेशन पहुंचेगी, जिसमें यशवंतपुर, दावणगेरे और हुबली रेलवे स्टेशनों पर ठहराव होगा।

कर्नाटक में धारवाड़-बेंगलुरु वंदे भारत ट्रेन विद्या काशी धारवाड़, वाणिज्य नगरी, हुबली और बेंगलुरु को जोड़ेगी। यह वंदे भारत ट्रेन उत्तरी कर्नाटक को दक्षिणी कर्नाटक से जोड़ेगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें असंख्य बेहतर सुविधाएं प्रदान करती हैं जो यात्रियों को विश्व स्तरीय आरामदायक यात्रा अनुभव और कवच तकनीक सहित उन्नत अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करेंगी। प्रत्येक ट्रेन में 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए पूरी तरह से निलंबित ट्रैक्शन मोटर वाली बोगियां प्रदान की गई हैं। उन्नत अत्याधुनिक सस्पेंशन प्रणाली यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित यात्रा और बेहतर सवारी आराम सुनिश्चित करती है।

ट्रेन को पावर कारों को छोड़कर और उन्नत पुनर्योजी ब्रेकिंग सिस्टम के साथ लगभग 30% बिजली की बचत करके भारतीय रेलवे के हरित पदचिह्न को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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